किशोरी के साथ दुराचार के आरोप में जेल में बंद एक आरोपी की पीड़िता के परिजनों ने जेल के अंदर घुसकर धुनाई कर दी। जेल में तैनात वार्डन ही पीड़िता के दो परिजनों को मिस्त्री बताकर जेल के अंदर ले गया। मामला संज्ञान में आते ही जेल अधीक्षक ने तुरंत प्रभाव से जेल वार्डन को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार भारत नगर निवासी नवीन कुमार लगभग छह माह से किशोरी के साथ दुराचार करने के आरोप में जेल में बंद है और उसका मामला अदालत में विचाराधीन है। पीड़िता के मकान का ही पड़ोसी जोगेंद्र जेल में वार्डन के पद पर कार्यरत है। 28 जुलाई को जोगेंद्र पीड़िता के पिता तथा एक अन्य रिश्तेदार को लेकर जेल में पहुंचा। उसने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि दोनों मिस्त्री हैं और जेल के अंदर खराब वाटर कूलर को ठीक करवाना है। इसके बाद पीड़िता के परिजन जेल के अंदर चले गए। वाटर सप्लाई की टूटी को ठीक करने के बहाने वे उस बैरक में पहुंच गए, जिसमें नवीन बंद था। दोनों ने नवीन की जमकर धुनाई कर दी। हंगामा होता देखकर जेल में तैनात सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंच गए और मिस्त्री बनकर पहुंचे दोनों व्यक्तियों को बाहर निकला। जेल वार्डनों ने तुरंत ही इसकी सूचना जेल अधीक्षक डॅा. हरीश रंगा को दी। जेल अधीक्षक ने मामले की जांच जेल उपाधीक्षक सेवा सिंह को सौंप दी।
जांच में हुआ खुलासा
जांच के दौरान पाया गया कि जेल के अंदर आने वाला व्यक्ति दुराचार पीड़िता के परिजन थे, जिन्हें जेल वार्डन जोगेंद्र सिंह अंदर लेकर आया था। इसके बाद जेल अधीक्षक ने डयूटी में लापरवाही बतरने पर जेल वार्डन जोगेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए।
घर में घुसकर किया था दुराचार
महिला थाने में 19 फरवरी को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि भारत नगर निवासी नवीन उसके घर में घुस गया और अकेली देखकर उसकी बेटी के साथ दुराचार किया। पुलिस ने नवीन को गिरफ्तार कर लिया था और तभी से वह जेल में बंद था।