जींद। जिले में भारत बंद के दौरान भारतीय किसान यूनियन तथा संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के दौरान जाम लगाए गए। जुलाना, उचाना, अलेवा, नरवाना व जींद में चार घंटे तक जाम लगाए गए। इसके बाद रास्ते खोल दिए गए। भारत बंद का असर गांवों में भी कुछ स्थानों पर देखने को मिला, लेकिन जींद शहर में बंद का कोई असर नहीं रहा। खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा को भी तीन घंटे तक फ्री करवाया गया। शहर में बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे, जबकि माकपा, भाकियू तथा संयुक्त किसान मोर्चा ने रास्ते ब्लॉक किए। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जींद में कंडेला गांव, जुलाना में पुराना बस स्टैंड, उचाना में जींद-पटियाला नेशनल हाईवे, नरवाना में बस स्टैंड के पास तथा अलेवा में मुख्य चौक पर किसानों ने जाम लगाए। इससे यातायात काफी प्रभावित हुआ। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक किसानों ने खटकड़ टोल को वाहनों के लिए फ्री करवाया तो हाईवे पर पालवां बस स्टैंड से आगे सड़क के बीचोंबीच चारपाई डालकर, ट्रैक्टर खड़े कर चार घंटे तक रोड जाम रखा। विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने यहां पहुंच कर अपना समर्थन दिया।
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर टोल को तीन घंटे फ्री करवाया गया तो चार घंटे तक रोड को जाम रखा गया। धरने पर पहुंच कर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपना समर्थन दिया। जिस तरह से पहले एक साल से अधिक समय तक किसानों को धरना देना पड़ा था तब जाकर सरकार मानी थी ऐसे ही इस बार भी सरकार को झुकाने के लिए किसानों को एकजुट होना होगा। जब तक सरकार पर दबाव नहीं होगा वह किसानों की मांगों को नहीं मानेगी, इसलिए किसानों को अपने हक के लिए एकजुट होना होगा। आज सरकार का किसान विरोधी चेहरा पूरे देश के सामने आ चुका है। किस तरह से हरियाणा सरकार पंजाब के किसानों को दिल्ली जाने से रोक कर रही है। इस अवसर पर रामकरण दलाल, रणधीर, साधुराम, जगदीश शर्मा, राजबाला, कैलाशो, सुमन, शीला छातर, सिक्किम सफा खेड़ी, बलिंद्र उचाना मौजूद थे।
एंबुलेंस को दिया रास्ता
हाईवे जाम के दौरान जब नरवाना की तरफ से एंबुलेंस आती दिखाई दी तो तुरंत सड़क से हटकर किसानों ने उसे रास्ता दे दिया। किसानों नेताओं ने कहा कि एंबुलेंस, बरात की गाड़ी को आने-जाने के लिए रास्ता दिया गया।
16जेएनडी20: हाइवे जाम के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देते हुए। संवाद
16जेएनडी20: हाइवे जाम के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देते हुए। संवाद