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Jind News: रोडवेज की बसों के पहिए जाम, यात्री हुए परेशान

Sat, 17 Feb 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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16जेएनडी14-रोडवेज हड़ताल के कारण बस नहीं मिलने से परेशान यात्री। संवाद
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जींद। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते शुक्रवार को रोडवेज बसों का चक्का जाम रहा। बसे अड्डे पर ही खड़ी रहीं। लोगों को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जानकारी होने की वजह से ज्यादा लोग बाहर नहीं निकले। जो लोग बस स्टैंड पर पहुंचे थे वे भी लौट गए या निजी बसों के सहारे अपने गंतव्य की ओर गए। शुक्रवार सुबह तीन-चार किलोमीटर स्कीम वाली बसें ही रूटों पर निकलीं। हालांकि रोडवेज डिपो ने 70-80 बसों को चलाने का दावा किया है। रोडवेज के सभी कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन कर पूरा दिन बस अड्डे पर धरना दिया। धरने पर सारा दिन संबोधन का दौर चलता रहा। रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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रोडवेज डिपो के आंकड़ों के अनुसार 140 में से 94 परिचालक और 108 में से 72 चालक हड़ताल में शामिल रहे, जबकि 31 परिचालक और 28 चालकों ने ड्यूटी की। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अल सुबह लंबे रूट के 30 से अधिक टाइम मिस रहे। इसमें चंडीगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली, पटियाला, गंगानगर, पौंटा साहिब, हरिद्वार, यमुनानगर, हरिद्वार, जयपुर व मथुरा जैसे रूट शामिल थे। पानीपत, असंध, हांसी, गोहाना रूट पर कुछ निजी बसें चलीं। सुबह से ही अड्डे के सभी बूथ खाली पड़े थे। अड्डे पर ईक्का-दुक्का यात्री ही दिखाई दे रहे थे।
धरने पर वरिष्ठ कर्मचारी नेता बलराज देशवाल, आजाद गिल, संदीप रंगा, कुलदीप मोर, अनूप लाठर का कहना था कि कर्मचारियों के अधिकारों का सरकार हनन कर रही है। कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है। कर्मचारियों के अर्जित अवकाश काटे जा रहे हैं और उन्हें अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। सरकार रोडवेज का निजीकरण कर प्रदेश की जनता से पक्के रोजगार का एक जरिया बंद करने पर तुली हुई है। विभागों को सिकोड़ा जा रहा है, जिससे रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं।
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निजी बस संचालकों ने किया समर्थन

जींद से नरवाना, नरवाना से कैथल और नरवाना से फतेहाबाद आवागमन करने वाली निजी बसों के संचालकों ने शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इन रूटों पर एक भी निजी बसें नहीं चली। जींद से नरवाना रूट पर 31, नरवाना से कैथल रूट पर 20 और नरवाना से फतेहाबाद रूट पर 15 निजी बसें चलती हैं, जो नहीं चलीं। निजी बस संचालक रामफल, सतपाल शर्मा, परमजीत चोपड़ा, मनोज, कृष्ण जांगड़ा का कहना था कि सरकार अपनी मनमानी करते हुए हिट एंड रन कानून लागू करना चाहती है। इसका चालक विरोध किए।

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बसों के न चलने से आई परेशानी

शुक्रवार को हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी। वह अपने गांव खेड़ा-खेड़ी से जींद आने के लिए सुबह चली थी, लेकिन बाद में पता चला कि रोडवेज बसों की हड़ताल है। इसको लेकर उसे जींद पहुंचने में काफी परेशानी हुई। -राजवंती, यात्री।

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कैथल जाने के लिए भी नहीं मिली बस

उसे शुक्रवार को कैथल जाना पड़ गया, लेकिन बस अड्डे पर आकर पता चला कि आज रोडवेज बसों का पहिया जाम है। इसको लेकर वह अब असंध जा रही निजी बस के सहारे नगूरां तक जाएंगे और वहां से कोई वाहन नहीं मिला तो दिक्कत आ जाएगी। -सतबीर सिंह, यात्री।

वर्जन

रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के चलते शुक्रवार को सभी बसें नहीं चल पाईं। डिपो और दोनों सब डिपो से लगभग 80 बसें रूटों पर चलीं। लंबे रूट पर बसों के जाने से यात्रियों को परेशानी हुई है। -वीरेंद्र पाल, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज डिपो,जींद।
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फोटो कैप्शन

16जेएनडी 13-हड़ताल के चलते खाली पड़ा बस अड्डा। संवाद

16जेएनडी 14-रोडवेज की हड़ताल के कारण बस नहीं मिलने से परेशान यात्री। संवाद

16जेएनडी 15-हड़ताल के चलते परेशान एक परिवार। संवाद

16जेएनडी 16-बस अड्डे पर धरना देकर रोष प्रकट करते रोडवेज कर्मचारी। संवाद

16जेएनडी 17-राजवंती। संवाद

16जेएनडी 18-सतबीर सिंह। संवाद

16जेएनडी14-रोडवेज हड़ताल के कारण बस नहीं मिलने से परेशान यात्री। संवाद

16जेएनडी14-रोडवेज हड़ताल के कारण बस नहीं मिलने से परेशान यात्री। संवाद

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