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सावधान... सितंबर और अक्तूबर में ज्यादा सताता है डेंगू का डंक

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ईक्कस गांव में पानी की होदी की जांच करते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। पिछले वर्ष डेंगू के मामलों को देखते हुए लोगों को अभी से सावधान होना पड़ेगा। पिछले वर्ष भी डेंगू के मामले सितंबर और अक्तूबर महीने में ही आए थे। इस वर्ष अब तक सात डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। बुधवार को भी गांव रुपगढ़ निवासी एक 19 वर्षीय युवती की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 593 लोगों की जांच कर चुका है जबकि 7166 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है।
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जिले में अब जींद शहर में दो, कंडेला, भागखेड़ा, खरेंटी, पिंडारा व रुपगढ़ में एक-एक डेंगू पॉजिटिव मामला मिल चुका है। हालांकि रुपगढ़ गांव निवासी युवती को छोड़कर सभी लोग ठीक हो चुके हैं लेकिन लोगों को पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। पिछले वर्ष भी सितंबर महीने में एक-दो मामले सामने आए थे। इसके बाद अक्तूबर महीने में औसतन प्रतिदिन 15 मामले सामने आने लगे थे। इक्का-दुक्का मामले दिसंबर महीने तक भी आते रहे। इससे साफ है कि सितंबर व अक्तूबर महीने में डेंगू के लिए मौसम अनुकूल होता है। हालांकि इस बार स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही पूरी तैयारी शुरू कर दी है। प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों की जांच करती है तथा घरों में कहीं पर पानी खड़ा नहीं हो, इसके लिए भी लोगों को जागरूक कर रही है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कहीं पानी खड़ा नहीं हो इसके लिए जांच करती रहती है।
अब तक 593 लोगों की हुई है जांच
जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक 593 लोगों के सैंपलों को नागरिक अस्पताल में भेजकर डेंगू की जांच करवा चुकी है। इनमें से अब तक सात ही मामले सामने आए हैं। पहले रक्त की नॉर्मल जांच करवाई जाती है। इसके बाद जिन लोगों की प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं, उनकी डेंगू जांच करवाई जाती है। केवल नागरिक अस्पताल से ही जारी रिपोर्ट को डेंगू पॉजिटिव माना जाता है। प्राइवेट रिपोर्ट को सरकार मान्यता नहीं देती।
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6,73,921 घरों और 7,97,933 पात्रों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब तक पूरे जिले में 6,73,921 घरों की जांच कर चुकी हैं। इनमें से 3183 जगह डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इसके अलावा 7,97,933 ऐसे पात्रों (वस्तुओं) की जांच की गई है जिसमें पानी जमा होने की संभावना हो। 3983 स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब तक 1,06,959 बुखार पीड़ित लोगों की स्लाइड भी बना चुकी हैं।
456 लोगों को जारी किए जा चुके हैं नोटिस
स्वास्थ्य विभाग अब तक 456 लोगों को डेंगू का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी कर चुका है। यह नोटिस उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिनकी लापरवाही के कारण डेंगू का लार्वा पनपा हो। इसमें सफाई व्यवस्था या फिर लोगों द्वारा जान बूझकर गंदगी फैलाई गई हो। यदि इन लोगों को दोबारा नोटिस देने की नौबत आए तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विभिन्न अस्पतालों में 32 बेड आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मरीजों के लिए 32 बेड आरक्षित किए हैं। इन बेडों पर बाकायदा मच्छरदानी लगाई गई है। इनमें नागरिक अस्पताल जींद में दो वार्ड, जिनमें 14 बेड हैं। नागरिक अस्पताल नरवाना में एक वार्ड में छह बेड, नागरिक अस्पताल सफीदों में छह बेड तथा नागरिक अस्पताल उचाना में भी छह बेड आरक्षित किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें पिछले तीन महीने से पहले ही जागरूकता अभियान चला रही हैं। बुखार पीड़ित लोगों की स्लाइड बनाई जा रही हैं, डेंगू पॉजिटिव मिलने पर फॉगिंग करवाई जाती है तथा घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा को ढूंढकर नष्ट किया जा रहा है। लोगों को अपने घरों में आसपास सफाई रखनी चाहिए तथा दो दिन से अधिक पानी एक स्थान पर खड़ा नहीं रहने देना चाहिए।
-डॉ. विजेंद्र ढांडा, जिला मलेरिया अधिकारी।
स्वास्थ्य विभाग ने ईक्कस में चलाया जागरूकता अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के अंतर्गत आने वाले ईक्कस गांव में एमपीएचडब्ल्यू दिनेश कुमार और उनकी टीम ने बुधवार को घर-घर जाकर कूलर, टंकी, पशुओं की होदी, छतों पर पड़े कबाड़, फ्रिज के पीछे लगी वेस्ट ट्रे, पक्षियों को पिलाने वाले पानी के कसोरे, खराब पड़े टायरों में डेंगू के लार्वा की जांच की। दिनेश कुमार ने कहा कि लोगों को इस समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए, रात को साते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, घर में जालीदार दरवाजे लगाने चाहिए। इसके अलावा कहीं भी दो दिन से ज्यादा पानी नहीं खड़ा होने देंञयदि कोई बड़ा गड्ढा है तो उसे मिट्टी से भर दें ताकि उसमें पानी जमा नहीं हो सके। कूलर टंकी, पशुओं की होदी, फ्रिज के पीछे वाली ट्रे, गमले के पानी, पक्षियों को पानी पिलाने वाले कसोरे इत्यादि को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करके सूखना चाहिए। इस मौके पर रामपाल व आशा वर्कर भी मौजूद रही।
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