जींद। जल और पर्यावरण संरक्षरण के लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक होने की जरूरत है। इसके लिए एक अभियान चलाया जाए, जिसमें विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं को भी जोड़ा जाए। यह निर्देश ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव पंकज यादव आईएएस ने लोक निर्माण विश्राम गृह में जल शक्ति अभियान के तहत आयोजित संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल संचय और पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिए।
उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को संचय करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बनाए रखने की जरूरत है, ऐसे में हमें गांवों के तालाब, कुओं, बावड़ी का रख-रखाव सही ढंग से करना होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए स्कूल व कॉलेजों में भाषण और पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई जाए। पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, महिला स्वयं सहायता समूह, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वयं सेवी संस्थाएं व नेहरू युवा केंद्र तथा प्रबुद्ध लोगों को जोड़कर इसे एक अभियान का रूप दिया जाए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे युवा पीढ़ी को प्रकृति के साथ जोड़ें। उन्होंने विभाग को उनके कार्यालय परिसर में पौधे लगाने के निर्देश दिए। वाहन मालिकों से आहवान किया कि वे अपनी कार, बाइक व अन्य संसाधनों को धोने की बजाय गीले कपड़े से साफ-सफाई करें, अपनी नलकूपों पर टूटियां जरूर लगाएं ताकि व्यर्थ पानी की लागत को कम किया जा सके।
75 वर्ष से अधिक आयु वाले 250 पेड़ों को किया चिह्नित
उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि वन विभाग द्वारा चलाई जा रही प्राण वायु देवता योजना के तहत जिला में 75 वर्ष से अधिक आयु के 250 से भी अधिक पेड़ों को चिह्नित किया गया है, जिनके संरक्षण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित राशि उनके मालिकों को दी जा रही है। इस अवसर पर जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह, आरसेटी के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, जिला वन मंडल अधिकारी पवन ग्रोवर, जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी, एलडीएम विनोद कुमार, पीओ मनरेगा राकेश भारद्वाज, बीडीपीओ नरवाना जितेन्द्र कुमार, बीडीपीओ अलेवा अक्षयद्वीप, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता रघुबीर सिंह, पुनीत राय, नगरपरिषद के कार्यकारी अभियंता सतीश गर्ग, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता जगदीप, मत्सय अधिकारी अंकिता, संजीव कुमार, कृषि विभाग के एसडीओ राकेश आदि मौजूद रहे।