ग्रामीणों ने पंचायती विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बुधवार सुबह तक जिला प्रशासन व पंचायती विभाग द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण बुधवार को सुबह दस बजे गांव की भारी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी में कार्यालय के मेन गेट पर ताला जड़ने को मजबूर होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व पंचायती विभाग की होगी। ग्रामीणों की चेतावनी के बाद बीडीपीओ का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए गांव में डीजल भेज दिया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक गांव में ऐसा कुछ भी नहीं था।
संडील गांव के लोगों ने बताया कि बीडीपीओ अलेवा ने गांव की गली से गंदे पानी की निकासी को लेकर आश्वासन दिया था, लेकिन गांव में ग्राम सचिव तथा जेई के पहुंचने पर भी किसी प्रकार की समस्या का समाधान नहीं हुआ। जेई व ग्राम सचिव द्वारा मात्र दो दिनों तक इंजन के माध्यम से गली का पानी तालाब में निकाला गया। इसके बाद डीजल खत्म होने के बाद पंचायती विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी समस्या का समाधान करने के लिए गांव नहीं पहुंचा। इस मामले को लेकर ग्राम सचिव व बीडीपीओ से मोबाइल पर बात की तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पंचायती विभाग के उच्च अधिकारियों से गली में भरे गंदे पानी को निकालने के लिए बिजली की मोनोब्लॉक मोटर लगवाने की मांग की है।
पंचायती विभाग के डायरेक्टर के दौरे को लेकर गया था बाहर : बीडीपीओ
संडील गांव के लोगों की गली में भरे गंदे पानी की समस्या का निदान कराने के लिए पंचायती विभाग द्वारा इंजन के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है। इसके लिए ग्राम सचिव व जेई को जिम्मेदारी सौंपी हुई है। संडील के ग्रामीण मंगलवार को कार्यालय आए थे, लेकिन वे पंचायती विभाग के डायरेक्टर के दौरे को लेकर पटवारी, ग्राम सचिव, जेई को साथ लेकर उनके साथ सरकारी कार्य को लेकर कार्यालय से बाहर गए हुए थे। पंचायती विभाग द्वारा ग्रामीणों की समस्या का समाधान करवाने के लिए डीजल भेज दिया जाएगा।
-ओमप्रकाश शर्मा, बीडीपीओ अलेवा