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बाबा बंदा सिंह बहादुर के आदर्श आज भी देते हैं प्रेरणा : मिड्ढा

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फोटो 22जेएनडी02-गुरु महिमा का बखान करते हुए रागी जत्था। स्रोत श्रद्धालु
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जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में अमर शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत को समर्पित श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन अमर शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किया गया। रविवार देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महान योद्धा और समाज सुधारक बाबा बंदा सिंह बहादुर को को नमन किया।
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समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर केवल एक वीर योद्धा ही नहीं थे बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और जनकल्याण के सच्चे प्रतीक भी थे। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर ऐसा इतिहास रचा, जो आज भी लोगों को प्रेरणा देता है। डॉ. मिड्ढा ने कहा कि समाज को बाबा जी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण और मानव सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत रागी जगजीत सिंह बबीहा के नेतृत्व में रागी जत्थे द्वारा गुरु यश गायन से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इतिहासकार डॉ. हरबंस कौर सग्गू और डॉ. स्वर्ण सिंह ने बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन, संघर्ष, वीरता और सामाजिक सुधारों पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने बताया कि बाबा जी ने मुगल अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष कर शोषित और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका जीवन केवल सिख इतिहास ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय इतिहास के लिए प्रेरणास्रोत है।
रोहतक से आए प्रीतम भयाना ने बाबा जितेंद्र पाल सिंह सोढ़ी का संदेश संगतों तक पहुंचाया। संदेश में मानव सेवा, भाईचारे और धार्मिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम का संचालन अरविंद खुराना ने किया।
समारोह में वक्ताओं ने बाबा बंदा सिंह बहादुर के बलिदान और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। हांसी, पानीपत, बवानीखेड़ा और हिसार सहित कई क्षेत्रों से पहुंची संगतों ने समाज और राष्ट्र की सेवा का संकल्प लिया।

फोटो 22जेएनडी02-गुरु महिमा का बखान करते हुए रागी जत्था। स्रोत श्रद्धालु

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