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Jind News: संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे प्रभावी उपाय

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17जेएनडी19: नागरिक अस्पताल जींद। संवाद
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जींद। जिले में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 4145 एचआईवी संक्रमित मरीज पंजीकृत हैं। एचआईवी के लिए अभी तक न तो कोई स्थायी दवा उपलब्ध है और न ही इसका कोई टीका विकसित किया जा सका।
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एचआईवी टीकाकरण दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सुरक्षित व्यवहार अपनाने और समय-समय पर एचआईवी जांच करवाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।
जिले में एचआईवी संक्रमित मरीजों की सबसे बड़ी समस्या इन दिनों पेंशन को लेकर बनी हुई है। नवंबर 2024 के बाद से मरीजों की पेंशन का बजट जारी नहीं हुआ है जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मरीजों का कहना है कि बीमारी के चलते वे नियमित रूप से काम करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में पेंशन बंद होने से उनकी दिक्कतें और बढ़ गई हैं। मरीज लगातार विभाग और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
नशे के इंजेक्शन के इस्तेमाल के कारण 100 मरीज एचआईवी संक्रमण की चपेट में
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में करीब 100 मरीज ऐसे हैं जो नशे के इंजेक्शन के इस्तेमाल के कारण एचआईवी संक्रमण की चपेट में आए हैं। विभाग लगातार युवाओं को नशे से दूर रहने और संक्रमित सुई के उपयोग से बचने के लिए जागरूक कर रहा है। जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पतालों में एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध है। संदिग्ध मरीजों की जांच कर समय रहते उपचार शुरू किया जाता है ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।
नागरिक अस्पताल में एचआईवी मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं
नागरिक अस्पताल में एचआईवी मरीजों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां काउंसलर प्रत्येक मरीज को बीमारी के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हैं। अस्पताल में समय-समय पर मरीजों के सैंपल लेकर वायरल लोड की जांच की जाती है। स्टाफ नर्स मरीजों के साथ समन्वय बनाकर उनकी जरूरत के अनुसार 15 दिन से तीन माह तक की दवाएं उपलब्ध करवाती हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाते हैं जिनमें लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारण, बचाव और उपचार की जानकारी दी जाती है। पेंशन का मामला प्रदेश स्तर का है और सरकार की ओर से बजट जारी होते ही पात्र मरीजों को राशि वितरित कर दी जाएगी। विभाग का मुख्य फोकस संक्रमण को फैलने से रोकना और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना है।- डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, जींद
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