राजपुरा गांव में बैठक के बाद नारेबाजी करते किसान।
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राजपुरा गांव में मंगलवार को धान की पराली जलाने के बाद भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को बैठक कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। किसान नेताओं ने कहा कि वे पराली जलाएंगे और यदि कोई अधिकारी कार्रवाई करने आता है तो उसको बंधक बनाया जाएगा। साथ ही किसानों ने ऐलान किया कि यदि कोई बैंक फसल बीमा के नाम पर किसानों के खाते से पैसे काटता है तो उस बैंक का बहिष्कार किया जाएगा। राजपुरा गांव में बुधवार को भाकियू की बैठक में फैसला लिया गया कि बृहस्पतिवार को हिसार जिला के मिलकपुर गांव में धान की पराली जलाई जाएगी। इस दौरान भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष बिजेंद्र उर्फ बिल्लू खांडा सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) व सुप्रीम कोर्ट ने धान की पराली जलाने पर रोक लगा रखी है। वहीं किसानों का कहना है कि सरकार पहले पराली नहीं जलाने का विकल्प किसानों को दे। भाकियू के प्रधान प्रकाश ने बताया कि सभी ग्रामीणों ने फैसला लिया कि पराली जलाएंगे।
प्रशासन करेगा कार्रवाई
धान की पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने रोक लगाई है। ऐसे करने वाले किसानों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर टीमें बनाई गई हैं। अब तक 57 किसानों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है और दो लाख 57 हजार 500 रुपये का जुर्मान वसूला जा चुका है। आगे भी धान की पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र मलिक, कृषि उपनिदेशक जींद।
गांव नहीं साथ
धान की पराली जलाने को लेकर किसान यूनियन के कुछ लोग आंदोलन कर रहे हैं। पराली जलाने को लेकर गांव उनके साथ नहीं है। यह कुछ लोगों का फैसला है।
- जय बीर सिंह, सरपंच राजपुरा