जींद। यात्रियों के लिए लगाई गई ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) दो महीने से बंद पड़ी है। एटीवीएम बंद होने का कारण इनका टेंडर पूरा होना है। हालांकि रेलवे की अभी तक एटीवीएम का टेंडर लगाने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में यात्रियों को अभी टिकट लेने को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इससे यात्रियों को हर रोज परेशानी होगी क्योंकि टिकट काउंटर पर समय पर टिकट नहीं मिल पाती, जिससेे यात्रियों की ट्रेनें छूट जाती हैं। यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि एटीवीम का टेंडर लगाकर इन मशीनों को दोबारा से शुरू किया जाए ताकि यात्रियों को समय पर टिकट उपलब्ध हो सके और उनकी ट्रेनें भी न छूटे।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2017 में जंक्शन पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) शुरू की थी। जींद और नरवाना जंक्शन पर दो-दो एटीवीएम चालू की गई थी। इन मशीनों का एक साल का टेंडर लगाया गया था। इससे काउंटर पर लगने वाली भीड़ से यात्रियों को राहत मिली थी। इसके बाद इन एटीवीएम का हर साल टेंडर लगाया गया। इस बार दो महीने पहले टेंडर खत्म हो गया और अभी तक दोबारा शुरू भी नहीं पाया। यात्रियों को अभी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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यात्रियों की रोजाना छुट रही ट्रेनें
प्रतिदिन सुबह के समय ट्रेनों का आवागमन ज्यादा होता है। इसको लेकर टिकट घर पर यात्रियों की ज्यादा भीड़ जमा हो जाती है। टिकट घर में सिर्फ एक ही काउंटर लगा होता है जहां पर यात्रियों को टिकट दी जाती है लेकिन भीड़ होने के चलते यात्रियों को समय पर टिकट नहीं मिल पाती। ऐसे में यात्रियों को परेशानी होती है। कुछ ही देर बाद ट्रेनों का आने का समय हो जाता है। यात्री भी बिना टिकट ट्रेनों की तरफ दौड़ पड़ते हैं। ऐसा हाल जंक्शन पर प्रतिदिन देखने को मिलता है।
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नरवाना जंक्शन पर भी बनी समस्या
जींद के साथ-साथ नरवाना जंक्शन पर भी ऐसी ही समस्या बनी हुई है। रेलवे ने जंक्शन पर दो एटीवीएम लगाई थी। उनको भी टेंडर पूरा होने के बाद बंद हुए दो महीने से ज्यादा समय हो गया है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी हो रही है। नरवाना जंक्शन के नए भवन निर्माण के चलते टिकट घर तोड़ दिया गया है और टिकट घर को दूसरी जगह चलाया जा रहा है। वहां पर टिकट देने के लिए एक ही काउंटर है, जहां ट्रेनों के समय यात्रियों की भारी भीड़ जुट जाती है। एक काउंटर होने के चलते यात्रियों को समय पर टिकट नहीं मिल पाती।
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जंक्शन पर लगाई गई ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) का लगभग दो महीने पहले टेंडर पूरा हो गया है। रेलवे ने अभी तक दोबारा टेंडर नहीं लगाया है। जैसे ही टेंडर लगाया जाएगा तो उसी समय से एटीवीएम को चालू कर दिया जाएगा।
जयप्रकाश, स्टेशन अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद