स्टेट विजिलेंस करनाल की टीम ने तीन महीने बाद आरटीए के सहायक सचिव जिले सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यादव पर अपने एक दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। उस समय दलाल यशपाल को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था, मगर जिले सिंह यादव फरार हो गया था। अब तीन महीने बाद विजिलेंस ने उसे आरटीए दफ्तर से ही गिरफ्तार कर लिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने दिनों से फरार चल रहा जिले सिंह यादव आखिर दफ्तर में क्या कर रहा था। दफ्तर के किसी कर्मचारी ने विजिलेंस को सूचना नहीं दी, बल्कि खुद विजिलेंस ने सूचना के आधार पर जिले सिंह यादव पर अपनी नजर बनाई हुई थी।
जानकारी के लिए रोहतक जिले के गांव चिड़ी निवासी धर्मेंद्र ने 14 अगस्त को स्टेट विजिलेंस के निरीक्षक पूर्ण सिंह को शिकायत देकर कहा था कि वह सहकारी समिति की बस पिल्लूखेड़ा से रोहतक तक चलाता है। उसकी बस को जींद आरटीए के सहायक सचिव जिले सिंह यादव ने पकड़ लिया है। बस छोड़ने के लिए वह 50 हजार रुपये मांग रहा है। जिले सिंह का दलाल जींद की कृष्णा कॉलोनी का यशपाल पैसे के लिए फोन कर रहा है। पूर्ण सिंह मामले को गंभीरता से लेते हुए जींद के डीसी डॉ. आदित्य दहिया से मिले। उन्होेंने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। डीसी ने नायब तहसीलदार कर्ण सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। पूर्ण सिंह ने धर्मेंद्र को ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित व पाउडर लगाकर 50 हजार रुपये देकर दलाल को दे दिए। यशपाल के फोने करने पर धर्मेंद्र ने उसे सफीदों रोड स्थित झोटा फार्म के पास अपनी दुकान में बुलाया। धर्मेंद्र जब यशपाल को 50 हजार रुपये दिए तो विजिलेंस की टीम ने उसे पकड़ लिया। यशपाल से रिश्वत के 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिए। पूछने पर यशपाल ने बताया कि यह पैसे आरटीए के सहायक सचिव जिले सिंह यादव के कहने पर ले रहा था। पुलिस ने इस मामले में यशपाल समेत जिले सिंह यादव को मुख्य आरोपी बनाया था। तभी से जिले सिंह यादव फरार चल रहा था। शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन बजे विजिलेंस टीम ने जिले सिंह यादव को आरटीए कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। निरीक्षक पूर्ण सिंह ने बताया कि शनिवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
आरटीए ऑफिस भी सवालों के घेरे में
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि फरार होने के बाद भी जिले सिंह यादव कई बार आरटीए दफ्तर में आता था। इसका पता यहां कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी था, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने इसकी सूचना विजिलेंस को नहीं दी। इससे साफ है कि आरटीए दफ्तर में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। शुक्रवार को भी विजिलेंस ने जिले सिंह यादव को आरटीए दफ्तर से से गिरफ्तार किया।
कई बार दिलवाई धमकी
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र ने कहा कि फरार चल रहे जिले सिंह यादव ने उसे कई बार जान से मारने की धमकी भी दी। जिले सिंह ने कई बार खुद तथा कई बार अन्य लोगों से धमकी दिलवाई। उसने इसकी शिकायत पुलिस को भी की है।