11जेएनडी23-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ईक्कस में आयोजित सेमिनार में बोलते हुए नोडल अधिकार
जींद। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ईक्कस में नवपदोन्नत स्कूल प्रिंसीपलों के लिए 19 जुलाई तक चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शुक्रवार को हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की तरफ से सेमिनार हुआ। इसमें मुख्य वक्ता नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने की। उन्होंने कहा कि दूसरे व्यक्तियों को बेहतर ढंग से समझना, उनके साथ जुडऩा और अधिक प्रभावी ढंग से बातचीत करना सामाजिक भावनात्मक बुद्धिमता के प्रमुख पहलू है।
उन्होंने कहा कि प्रभावकारी शैक्षिक नेतृत्व के लिए जरूरी है पारस्परिक कौशल, रणनीतिक सोच, सकारात्मक शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का संयोजन, शिक्षकों में मजबूत संचार कौशल, संबंध बनाने की क्षमता, सीखते रहने और विद्यार्थियों की सफलता का जुनून जैसे गुणों का विकास होना चाहिए।
आज की किशोर युवा पीढ़ी में अगर नैतिक मूल्यों की गिरावट आ रही है तो काफी हद तक हम सभी जिम्मेदार है जबकि एक तरफ डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग भी अपनी नकारात्मक भूमिका निभा रहा है जितनी आवश्यक बुद्धिलब्धि होती है उतनी ही जरूरत भावनात्मक बुद्धिमता की भी होती है।
हम किसी भी सूरत में अपने किशोर युवाओं को हताश होकर न बैठने दें। उनमें चाहत, जुनून, कुछ हासिल करने की लगन पैदा करें। मनोवैज्ञानिक रूप से प्रेरित व्यक्ति किसी भी काम के लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए स्वयं से प्रेरणा हासिल करता रहता है। इस अवसर पर डॉ. जुगमहेंद्र, प्रवक्ता सतीश शर्मा, डॉ. अनूप शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, डॉ. भूप सिंह, राजेंद्र प्रसाद कौशिक, सेवानिवृत डीआईपीआरओ सुरेंद्र कुमार वर्मा, बलजीत, पूनम मौजूद रही।