जींद। आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान नीलम ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार आशा वर्करों पर बिना मानदेय ऑनलाइन काम का दबाव बना रही है। प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले आशा वर्कर्स के मानदेय में कुछ बढ़ोतरी करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने वादा किया था कि आशा वर्करों को ऑनलाइन काम के बदले अलग से मानदेय दिया जाएगा। लेकिन न तो केंद्र सरकार ने मानदेय मे कोई बढ़ोतरी की और न ही प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन काम के लिए कोई मानदेय बढ़ाया है।
जिला सचिव राजबाला ने कहा कि आशा वर्करों के मानदेय का भी समय पर भुगतान नहीं किया जाता है। उन्होंने बताया कि आशा वर्करों को प्रदेश सरकार पिछले डेढ़-दो साल से बेवकूफ बना रही है। समय देने के बाद भी समस्या का समाधान नही किया जा रहा है। राज्यभर की आशा वर्करों ने भी गत तीन अगस्त को अपनी मांगों को लेकर करनाल मे विरोध प्रदर्शन भी किया था। इसके दबाव में करनाल प्रशासन व मौजूदा अधिकारियों ने यूनियन प्रतिनिधि के साथ बैठक कर लिखित में आश्वासन दिया गया था कि 10 अगस्त से पहले मुख्यमंत्री से बातचीत कर समस्याओं का समाधान करवा दिया जाएगा, परंतु आजतक कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ, इसलिए 14 अगस्त को यमुनानगर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।