जींद। लघु सचिवालय के बाहर शुक्रवार को भी आशा वर्कर यूनियन की हड़ताल जिला कोषाध्यक्ष जगवंती की अध्यक्षता में जारी ररी। संचालन मंजू मंगलपुर ने किया। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तब तक धरना जारी रहेगा।
धरने पर यूनियन की उपप्रधान मुकेश गांगोली, सुनीता बड़ौदी, गुड्डी घोघडिय़ा ने कहा कि उन्होंने अपनी जायज मांगों को लेकर आठ अगस्त से हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने सरकार को जगाने के लिए अनेक विरोध प्रदर्शन किए और जेल भरो आंदोलन किया। इसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई प्रदेश सरकार ने नहीं की, लेकिन वह भी अपनी मांगों पर अडिग हैं। जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानती व अनिश्चित काल के लिए धरने पर बैठी रहेंगी। उन्होंने कहा कि 2018 के बाद महंगाई तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन आशा वर्कर्स का मानदेय नहीं बढ़ाया गया। उनकी मांग है कि आशा वर्कर का न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक किया जाए और मानदेय को महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए और अन्य सभी मांगे पूरी की जाएं।