जींद। आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल के 50 दिन पूरे होने पर पटियाला चौक से रुपया चौक तक मशाल जुलूस निकाला। इसमें शहर की आशा कार्यकर्ताओं समेत अमरहेड़ी, अहिरका, कैरखेड़ी, रूपगढ़, कंडेला आदि गांवों की आशा कार्यकर्ता शामिल हुईं। आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल को 10 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। अगर 29 सितंबर की बातचीत में आशा कार्यकर्ताओं की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो जेल भरो आंदोलन की तरह आगे के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कंडेला पीएचसी प्रधान नेहा ने की। कहा कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकारों की पूंजीवाद परस्त नीतियों के कारण तमाम मेहनत करने वाले लोगों के जीवन में चौतरफा संकट पैदा हो गया है। स्कीम कार्यकर्ताओं सहित कच्चे कर्मचारियों को न तो पक्का कर रही और न ही न्यूनतम वेतन 26 हजार दे रही है। ऊपर से श्रम कानूनों में बदलाव करके मेहनतकश तबकों का भारी शोषण किया जा रहा है। प्रदेशभर की आशा कार्यकर्ता अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। आशा कार्यकर्ता 2005 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं व जनता के बीच कड़ी का काम कर रही है। आशा कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी में किए गए काम की वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी आशा कार्यकर्ता को ग्लोबल हेल्थ लीडर्स का अवॉर्ड दिया था। इसके बावजूद सरकार उनके बुनियादी कामों के अतिरिक्त रोज नए-नए काम आशा कार्यकर्ताओं को थोप रही है।