जींद। हिसार में चल रही सेना भर्ती के लिए युवाओं को 72 घंटे पुरानी कोरोना जांच रिपोर्ट की जरूरत है। इसके कारण पिछले चार दिन से युवा नागरिक अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को जल्दी रिपोर्ट लेने के लिए युवाओं ने हंगामा किया। इसके बाद पुलिस व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने युवाओं को अस्पताल से बाहर निकाला और पार्क में इंतजार करने को कहा। डॉ. रमेश पांचाल ने कहा कि जैसे-जैसे रिपोर्ट आती रहेगी, युवाओं को दी जाती रहेगी। बता दें कि जिले के युवाओं को 27 फरवरी को भर्ती के लिए रिपोर्टिंग करनी है।
युवाओं को रिपोर्ट देने के लिए उचाना स्थित आरटीपीसीआर लैब के कर्मचारी दिन-रात लगातार काम कर रहे हैं। एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि जिन युवाओं ने 23-24 फरवरी को कोरोना जांच के लिए सैंपल दिए थे, उन सभी की रिपोर्ट उन्हें सौंप दी गई है। जिन युवाओं ने 25 फरवरी को सैंपल दिए थे, उनकी रिपोर्ट भी देर शाम तक सौंप दी जाएगी। डॉ. गोयल ने कहा कि हालांकि बच्चों ने काफी हंगामा किया लेकिन उनके भविष्य को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ लगाकर काम निपटाया गया है।
तय प्रफोर्मा में भरनी पड़ती है जानकारी
युवाओं को रिपोर्ट देने में सबसे अधिक समय तय प्रफोर्मा भरने में लगता है। इस पर रिपोर्ट के दौरान चिकित्सक को भी अपनी जानकारी, रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम, पता और पद लिखना पड़ता है। इसको भरने में समय लग रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर जिन युवाओं को शुक्रवार रात तक भर्ती मुख्यालय में रिपोर्ट करनी है, उनको जांच रिपोर्ट दे दी है। शुक्रवार को 720 युवाओं को जांच रिपोर्ट दी गई। इसके बाद जब जांच रिपोर्ट आई तो उसमें केवल पॉजिटिव और निगेटिव लिखा गया। इस प्रकार जो तैयारी पहले की गई, उससे काफी समय बच गया और युवाओं को रिपोर्ट समय पर मिल गई।
खुले पार्क में बांटी गई रिपोर्ट
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने दिनभर में कई बार युवाओं को रिपोर्ट बांटी। इसके लिए जैसे-जैसे रिपोर्ट आई, 50-50 रिपोर्ट का ग्रुप बनाकर खुले पार्क में युवाओं को बांटी गई ताकि जिनको रिपोर्ट मिलती रहे, वह जाता रहे। इसके बावजूद युवकों की किलकारियां गूंजती रही और चिकित्सक अपना काम करते रहे।
रिपोर्ट लेने के दौरान भी युवाओं ने काफी हो-हल्ला किया, लेकिन कोई बात नहीं, बच्चे ऐसे हंगामा करते ही हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सभी को समय पर कोरोना जांच रिपोर्ट दी। भविष्य में भी युवाओं को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। - डॉ. बिमला राठी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, जींद