बख्ताखेड़ा गांव निवासी विकास की हत्या का कारण उसकी बहन का अपेंडिक्स का ऑपरेशन बना। बहन के ऑपरेशन को लेकर विकास व उसके जीजा तेजबीर के बीच कहासुनी हुई थी। इसी के चलते तेजबीर न साले की खेत में लेजाकर डंडे से पीटकर हत्या करने के बाद शव को रात में उसके घर के बाहर फेंक कर चला गया था।
जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में बख्ताखेड़ा निवासी जयभगवान ने बताया था कि 26 अगस्त को उसका बेटा विकास कंडेला गांव में अपने जीजा तेजबीर के पास गया हुआ था। इस दौरान उसकी बहन निशा मायके में ही थी। शाम को उसके दामाद ने फोन कर जानकारी दी की विकास ने शराब पी हुई है। वह कंडेला से जा चुका है। वह घर पहुंच जाय तो फोन करना। वह देर रात तक घर नहीं आया। रात करीब तीन बजे विकास नग्न अवस्था में घर के बाहर पड़ा मिला। जब वह उसको जुलाना अस्पताल में लेकर गया तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी थी।
जुलाना थाना प्रभारी समरजीत ने बताया कि साले विकास की हत्या करने के आरोपी उसके जीजा तेजबीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। हत्या में शामिल तेजबीर का भाई कर्मबीर फरार चल रहा है। पुलिस ने विकास की बाइक को भी बरामद कर लिया है।
विकास ने करवाया था बहन का ऑपरेशन
विकास की बहन को अपेंडिक्स था। इसकी जानकारी उसने अपने भाई और पिता को दी थी। क्योंकि उसके पति तेजबीर ने ऑपरेशन करवाने से मनाकर दिया था। जीजा के मना करने पर विकास ने बहन का ऑपरेशन करवा दिया। लेकिन उसने जीजा को इस बात का उलाहना दिया था कि ऑपरेशन उन्हें ही करवाना चाहिए था। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया था।
26 अगस्त को जीजा के पास नहीं रिश्ते में बहन के पास गया था विकास
विकास 26 अगस्त को अपने जीजा के पास नहीं गया, बल्कि रिश्ते में बहन लगने वाली पड़ोस की एक लड़की के यहां गया था। इस बात की जानकारी तेजबीर को हुई तो उसने उसको बुलाने के लिए लड़की के घर गया। लेकिन विकास ने आने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह भविष्य में भी कभी उनके घर नहीं जाएगा। इस बात की जानकारी तेजबीर ने अपने भाई कर्मबीर को दी। दोनों भाइयों ने उसको जबरदस्ती बुलाया और खेत में ले जाकर डंडे से मारकर हत्या कर दी।
जानकार की गाड़ी लेकर शव विकास के घर के बाहर फेंककर आए वापस
तेजबीर और कर्मबीर के पास खुद की गाड़ी नहीं थी। विकास की हत्या कर शव को घर के सामने डालने की योजना कर्मबीर ने बनाई और किसी जानकार की गाड़ी को कुछ समय के लिए लेकर जाने की बात कही। रात में लगभग एक बजे शव को घर के बाहर फेंककर वापस अपने घर चले गए।