20जेएनडी26-नहर के घाट पर पानी में खड़ी महिलाएं। संवाद
जींद/नरवाना। जिलेभर में सोमवार को छठ पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। व्रती ने नहर के घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर और पूजा-अर्चना करके निर्जल व्रत का समापन किया।
छठ पूजा सेवा समिति के प्रधान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि छठ पूजा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। वहीं नरवाना में सिरसा ब्रांच नहर के घाट पर बाहर से आए पूर्वांचल निवासियों की भीड़ होने लगी थी। हर साल कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह छठ का पर्व मनाया जाता है। इस छठ के व्रत को संतान की लंबी आयु, पति के स्वस्थ जीवन और घर-परिवार के सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। समिति के अध्यक्ष नंदन यादव ने बताया कि नहर के घाट पर विभिन्न प्रदेशों से आए लोगों के साथ मिल जुल का यह महापर्व मनाया जाता है। इस व्रत को पूरी शुद्धता, पवित्रता और साफ-सच्चे मन से करता हैं, उसकी सभी मनोकामनाएं छठी मईया पूरी करती हैं।
व्रती नूतन, साजन, पूनम ने बताया कि यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाने वाला ये पर्व हिन्दू लोक आस्था से जुड़ा एक बड़ा पर्व है। इसे महापर्व का दर्जा दिया गया है। छठ का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक है। इस दौरान व्रती 36 घंटे से भी ज्यादा समय के लिए निर्जला व्रत करके छठी मईया और भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। अंतिम दिन सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती अपना व्रत खोलते हैं। इस अवसर पर समिति के उपप्रधान राजेंद्र यादव, सचिव शंकर शाह, शिवनंदन पासवान, कैलाश, उमेशदास, चंद्रदेव सिंह, खुबलाल यादव, पंडित मोहन शास्त्री, रामनाथ पासवान मौजूद रहे।