लक्ष्य मिल्क प्लांट में अध्ययन करते पशुपालन विशेषज्ञ।
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पशु नस्लीय क्षेत्र में सुधारों को लेकर जानकारी आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से सार्क देशों का 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जींद के दौरे पर है। यह दल कंडेला गांव स्थित लक्ष्य मिल्क प्लांट में पशुपालन तकनीक व उनकी देखभाल को लेकर सर्च कर रहा है। इस दल के साथ केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र हिसार से डॉ. आरके शर्मा और डॉ. अनुराग भी आए हैं। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाकिस्तान से आए डॉ. मकसूद अख्तर ने कहा कि पशुपालन में टेक्नोलॉजी के मामले में भारत ने पाकिस्तान के मुकाबले काफी तरक्की की है और उसके पास मैन पावर भी ज्यादा है। वहीं दोनों देशों के किसानों की आर्थिक हालात की बात की जाए, तो पाकिस्तान के किसान बेहतर स्थिति में हैं। भारत में किसानों के पास पशुपालन में दूध ही आय का स्रोत है। वहीं पाकिस्तान में पशुओं से दूध में आय प्राप्त होती और जब पशु दूध उत्पादन के लायक नहीं रहता है, तो उसका मीट बेचकर अच्छी आय प्राप्त कर लेते हैं। पाकिस्तान में गाय का दूध उ इसलिए पाकिस्तान का पशुपालक किसान बेहतर स्थिति में है। पशुओं के आहार व रख-रखाव में भारत व पाकिस्तान में ज्यादा फर्क नहीं है।
भारतीय महिलाएं हैं ज्यादा मेहनती व आत्मनिर्भर
वहीं बांग्लादेश से आई डॉ. नसरीन सुल्ताना जुएना ने कहा कि भारत में बांग्ला देश के मुकाबले महिलाएं ज्यादा आत्मनिर्भर और मेहनती हैं। भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कृषि व पशुपालन में काफी सक्रिय हैं।
निजी क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं पाकिस्तान की महिलाएं
श्रीलंका से आई डॉ. सुभाषनी विजय नायका ने कहा कि श्रीलंका की ज्यादातर महिलाएं निजी क्षेत्र में कार्य नहीं करती हैं। वे केवल सार्वजनिक क्षेत्रों में ही सक्रिय हैं।
सार्क देशों में भारत तकनीक में काफी आगे
नेपाल से आए पशु विशेषज्ञ डॉ. श्रीराम ने कहा कि सार्क देशों में भारत तकनीक के मामले में काफी आगे है और यहां सुविधाएं भी नेपाल के मुकाबले ज्यादा हैं।