कोयले के दामों में वृद्घि पर जताया रोष, हड़ताल पर गए ईंट-भट्ठा संचालक
-सरकार पर गलत नीतियां लागू करने का लगाया आरोप
जींद।
जींद। जींद भट्ठा एसोसिएशन की बैठक रविवार को सफीदों रोड स्थित एक निजी होटल में यशपाल बुडायन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ईंट भट्ठा एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव रजनीश जैन ने भाग लिया और सरकार पर गलत नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकाल के लिए ईंट-भट्ठों को बंद करने का निर्णय लिया। बैठक में कहा गया कि कोयले के दामों में 200 से 250 प्रतिशत तक इजाफा कर दिया है। इससे ईंट भट्ठों के साथ-साथ आम जनता की कमर टूट जाएगी।
भट्ठा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रवीण ढिल्लों ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में ईंटों पर टैक्स की मनमानी दरों ने न केवल ईंट-भट्ठा मालिकों की बल्कि जनता की भी कमर तोड़ दी है। जीएसटी ने ईंटों की कंपोजिशन स्कीम को समाप्त कर दिया है। लाल ईंटों पर टैक्स दर बिना आईटीसी क्लेम किए 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत तथा आईटीसी क्लेम करने पर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया है, इससे भट्ठा उद्योग को भारी नुकसान हुआ है। सरकार को तुरंत प्रभाव से इससे वापस लेना चाहिए। कोयले के दामों में 200 से 250 प्रतिशत इजाफा हुआ है। सरकार थर्मल पावर प्लांट को आधार मूल्य पर कोयला उपलब्ध करवाती है। भट्ठा उद्योग को भी आधार मूल्य पर कोयला उसी रेट पर उपलब्ध करवाना चाहिए।
महासचिव जयपाल सिंह ढांडा ने कहा कि सरकार समय-समय पर अर्धसरकारी कार्यों में लाल ईंटों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाती रहती है। फ्लाई एस से निर्मित ईंटों को प्रोत्साहन देती है। इसके चलते लाल ईंट-भट्ठा उद्योग को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फ्लाई एस से किसी भी इंसान के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस मौके पर प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल कंडेला, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र, मनोज पंवार, जिला कोषाध्यक्ष विकास, महासचिव संदीप सिंदूरिया, रामेश्वर मोर, अनूप कुुंडू, अजय कंसल, ओमप्रकाश, बसाऊ, सुभाष लाठर सहित जिलाभर के भट्ठा संचालक मौजूद थे।