आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन जिला प्रधान भूला देवी ने कहा कि लंबे समय से प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को मानदेय नहीं मिला है। न ही आंगनबाड़ी केंद्र का किराया मिला है। इसके चलते लॉकडाउन के दौरान कभी 15 दिन का राशन तो कभी 14 दिन का राशन लाभार्थियों को बांटने में परेशानी आ रही है, क्योंकि एक लाभार्थी को 700 ग्राम गेहूं व 500 ग्राम चावल घर-घर जाकर पैक करके बांटना है। वहीं कार्यकर्ता को विभाग द्वारा कोई सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने 500 रुपये के पॉलिथिन खुद खरीद कर राशन बांटा है। उन्होंने कहा कि जब तक कार्यकर्ता और सहायिका को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते, तब तक वे कोई भी कार्य नहीं करेंगी।
जींद जिले में चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। ऐसे में हम मांग करते हैं कि उन कार्यकर्ता की जिन अधिकारियों द्वारा दूसरे गांव में ड्यूटी लगाई गई, के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 14 मई को सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका अपने-अपने गांव व मोहल्ला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगी। मांगों को लेकर डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपेंगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी कार्यकर्ता व सहायिका पर दबाव बनाना बंद करें, वरना आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी पूर्णतया जिम्मेदारी विभाग व सरकार की होगी। यूनियन के फैसले के मुताबिक कार्यकर्ता 30 जून तक का राशन बांटेगी।
आंगनाबाड़ी कार्यकर्ता की मांगों को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। जैसा आदेश मिलेगा उसके अनुसार काम किया जाएगा। अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं मानती हैं तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
उषा मुआल, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग जींद।