जींद। बराह कलां गांव के स्कूल में चल रही खेल नर्सरी ने आसपास के गांवों में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। कोच निशा पहल के मार्गदर्शन में खेल नर्सरी में बराह कलां, बराह खुर्द, सिवाहा, आसन, खरकरामजी और सुंदरपुर गांवों के करीब 50 खिलाड़ी सुबह-शाम कबड्डी का अभ्यास कर रहे हैं।
खास बात यह है कि कोच निशा खुद सीनियर नेशनल स्तर की खिलाड़ी रही है। उनकी खेल नर्सरी शुरू होने से पहले इन गांवों से कबड्डी में कोई खास खिलाड़ी सामने नहीं आ रहा था लेकिन अब यहां के खिलाड़ी स्कूली प्रतियोगिताओं में राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
खेल नर्सरी में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों ने सिर्फ एक साल की मेहनत में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। सात खिलाड़ी सब-जूनियर फेडरेशन प्रतियोगिता तक पहुंचे हैं। वहीं दो खिलाड़ियों ने कैथल में आयोजित जूनियर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
इसके अलावा चार खिलाड़ियों ने अंडर-14 आयु वर्ग की स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर खेलते हुए पदक हासिल किए हैं। पांच अन्य खिलाड़ी भी स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं में राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं।
खेल नर्सरी में खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के साथ कबड्डी की तकनीक, फिटनेस और खेल के नियमों का प्रशिक्षण दिया जाता है। गांवों से आने वाले खिलाड़ी सुबह और शाम मैदान में पसीना बहाते हैं।
पहले नहीं था नाम, अब प्रतियोगिताओं में दिख रहा दम
खेल नर्सरी ने केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का काम नहीं किया, बल्कि गांवों के बच्चों में खेल के प्रति रुचि भी बढ़ाई है। पहले जहां इन गांवों से कबड्डी में कोई खिलाड़ी पहचान नहीं बना पाया था, वहीं अब कई खिलाड़ी जिले से बाहर आयोजित प्रतियोगिताओं में भी अपने खेल का दम दिखा रहे हैं। नर्सरी से गांव में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिला है और आने वाले समय में यहां से और खिलाड़ी प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
फोटो कैप्शन
13जेएनडी16: जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रही नर्सरी की टीम को सम्मानित करते हुए। फाइल फोटो
13जेएनडी17: कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेती खिलाड़ी। संवाद
13जेएनडी16: जिला स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रही नर्सरी की टीम को सम्मानित करते हुए।