05जेएनडी27: अग्रसेन स्कूल में आंखों की जांच करती एम्स की टीम। स्रोत : टीम
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जींद। अंधता निवारण पायलट प्रोजेक्ट के तहत आंखों की जांच के अभियान के दूसरे दिन एम्स की टीम ने महाराजा अग्रसेन स्कूल व भिवानी रोड पर बाल आश्रम स्कूल में बच्चों की आखों की जांच की। इसके अलावा इन दोनों क्षेत्रों के आसपास कॉलोनियों में 18 वर्ष से आयु के ज्यादा के लोगोंं की जांच की।
एम्स की टीम ने शहर में दोनों स्कूल व कॉलोनियों से 550 विद्यार्थियों व आमजन की जांच कर अभियान की शुरुआत की। अभियान के तहत सुबह टीम पहले अग्रसेन स्कूल पहुंची। इसके बाद बाल आश्रम स्कूल में गई। इस दौरान नागरिक अस्पताल से आरबीएचके के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश पांचाल भी उनके साथ रहे।
एम्स की टीम में डॉ. प्रवीण वशिष्ट प्रोफेसर कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. सुमित ग्रोवर असिस्टेंट प्रोफेसर, अमित भारद्वाज एमएस डब्ल्यूओ व सुमित शर्मा प्रोग्राम मैनेजर मौजूद रहे। इनके अलावा भी टीम में 13 सदस्य शामिल हुए। टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए दूर से ही प्राथमिक जांच की।
जिन लोगों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, उन्हें आगे के इलाज और परामर्श के लिए चिह्नित किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों व आमजन को चश्में भी वितरित किए गए। इस अभियान का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर ही आंखों की बीमारियों की पहचान करना है ताकि समय रहते उनका इलाज किया जा सके और अंधता जैसी गंभीर समस्या से बचाव हो सके।
वर्जन
अभियान के दूसरे दिन एम्स की टीम ने लगभग 550 विद्यार्थियों व आमजन की आंखों की जांच की। यह अभियान 14 मई तक जिले के स्कूलों व गांवों में चलेगा। इसके बाद जो अंधता के कारणों का बड़े स्तर पर पता चलेगा। इनके उपचार के लिए आगामी काम किया जाएगा।
-डॉ. रमेश पांचाल, नोडल अधिकारी आरबीएचके