ड्यूटी के दौरान सोमवार को अचानक नायब अमरजीत सिंह की सर्विस राइवऊल से गोली चल गई। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनते ही कैंप में अफरा-तफरी मच गई और साथी जवान तुरंत मौके पर पहुंचे अमरजीत शहीद हो चुके थे।
नरवाना के गांव जाजनवाला के जवान अमरजीत नैन जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। अमरजीत नैन के पिता रमेश भी फौजी हैं। शहीद का समाचार मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और पूरा गांव मृतक परिवार को सांत्वना देने के लिए उमड़ पड़ा।
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शहीद का अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर तीन बजे उनके पैतृक गांव जाजनवाला में सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। जाजनवाला गांव में एक साल में यह दूसरी शहादत है। गांव जाजनवाला का यह दूसरा जवान है, जिसने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर किए हैं। आठ जुलाई 2024 को भी गांव के जवान प्रदीप नैन कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए थे।
अचानक चली सर्विस राइफल से गोली लगने से हुई मौत
ड्यूटी के दौरान सोमवार को अचानक नायब अमरजीत सिंह की सर्विस राइवऊल से गोली चल गई। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने की आवाज सुनते ही कैंप में अफरा-तफरी मच गई और साथी जवान तुरंत मौके पर पहुंचे अमरजीत शहीद हो चुके थे। उनका पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव में लाया जाएगा और दोपहर बाद तीन बजे अंतिम संस्कार होगा। ग्रामीणों के अनुसार अमरजीत नैन संतरी पद पर तैनात थे और बहुत ही मिलनसार थे। जब भी गांव में आते थे तो सबके साथ गरमजोशी से मिलते थे।