महात्मा गांधी मार्ग स्थित गीताराम मेमोरियल अस्पताल के संचालक डा. मुनीष गर्ग की हत्या की सूचना मिलते ही शहर के व्यापारियों और डॉक्टरों में गुस्सा फूट पड़ा। दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद करके पुरानी अनाज मंडी में एकत्रित हो गए। दुकानदार ने जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जब डॉ. मुनीष गर्ग का शव पानीपत के एक निजी अस्पताल से सामान्य अस्पताल पहुंचा तो लोगों ने जींद-पानीपत मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान शहर के व्यापारियों और दुकानदारों ने बाजार बंद रखा।
जाम के दौरान डा. सत्यवान, व्यापारी दिनेश गर्ग, श्रवण गर्ग, मंडी सचिव संजय देशवाल, सत्यनारायण ने बताया कि डॉ. मुनीष गर्ग पर पहले भी दो बार जानलेवा हमला हो चुका है। इन दोनों हमलों में भी डॉक्टर को काफी चोटें आई थीं। केवल इतना ही नहीं हमलावरों ने डॉक्टर के अस्पताल में भी जमकर तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने उस समय इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अगर मामले को गंभीरता से लिया होता तो आज उनकी जान नहीं जाती।