जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की फिर उम्मीदें बढ़ गई हैं। तकनीकी मरम्मत और जरूरी परीक्षणों के बाद हाइड्रोजन ट्रेन शकूरबस्ती से वापस जींद पहुंच गई है।
हाइड्रोजन ट्रेन में कुछ तकनीकी सुधार किए जाने थे। करीब एक सप्ताह पहले ट्रेन को जींद से दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन भेजा गया था। विशेषज्ञों की टीम ने हाइड्रोजन सिस्टम, सुरक्षा मानकों और अन्य तकनीकी उपकरणों की गहन जांच की। सभी जरूरी सुधार पूरे होने के बाद अब माना जा रहा है कि ट्रेन का संचालन जल्द ही सोनीपत रूट पर शुरू किया जा सकता है।
अब ट्रेन के ट्रायल और संचालन को लेकर तैयारियां तेज होने की संभावना है। ट्रेन में सुरक्षा और तकनीकी मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही नियमित संचालन के लिए हरी झंडी दी जाएगी।
28 अप्रैल को सीसीआरएस जनक कुमार गर्ग अपने स्पेशल रेलवे कोच से हाइड्रोजन ट्रेन के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान प्लांट की तकनीकी व्यवस्थाओं, सुरक्षा मानकों और हाइड्रोजन ट्रेन संचालन से जुड़ी तैयारियों की बारीकी से जांच की थी। हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है जिसके आने का इंतजार है।
वहीं 30 अप्रैल को जंक्शन स्थित हाइड्रोजन प्लांट का लखनऊ से आरडीएसओ के महानिदेशक प्रभास दनसना ने निरीक्षण किया था।