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Jind News: बेटे की हत्या के बाद तालाब में पिस्तौल फेंककर चंडीगढ़ भाग गया था पिता, रिमांड के पहले दिन नहीं खोज सके हथियार

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जींद। बुधवार रात डायल 112 के सामने इकलौते बेटे मुरारी लाल (25) की हत्या करके पूर्व एसआई मदन लाल लाइसेंसी पिस्तौल अपने गांव तलोडा के तालाब में फेंककर चंडीगढ़ भाग गया था। अगले दिन जींद कोर्ट में सरेंडर कर दिया। रिमांड के पहले दिन पुलिस पिस्तौल बरामद नहीं कर सकी है। वहीं, एसपी ने घटना, पुलिस के सामने हत्या व जमीनी विवाद की जांच में लापरवाही की परख के लिए एसआईटी गठित की है।
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पुलिस के सामने हत्या को झुठलाने वाले एसपी कुलदीप सिंह शुक्रवार को बैकफुट पर दिखे। एसपी ने एएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। यह भी बताया कि आरोपी ने बेटे की हत्या के बाद पिस्तौल गांव के तालाब में फेंकी थी। पुलिस उसे लेकर गांव गई लेकिन पिस्तौल नहीं मिली।
एसपी के मुताबिक, हत्या के दौरान डायल 112 टीम के भाग निकलने, सवा एकड़ जमीन के विवाद की जांच में थाना और डीएसपी स्तर से जांच ठीक से नहीं करने के आरोपों की जांच करेगी। डायल-112 के दोनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
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बहू शिवानी ने दर्ज एफआईआर में बताया था कि ससुर मदनलाल बुधवार को चंडीगढ़ से भतीजे की शादी में शामिल होने अपने गांव तलोडा आए थे। इसी दौरान जमीन को लेकर पिता-पुत्र में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने मदनलाल को पड़ोसी के यहां एक कमरे में रोक लिया था।

इसके बाद उनके पति मुरारी ने डायल 112 पर फोन करके पुलिस बुला ली थी। पिता को पुलिस के सामने लाने के लिए मुरारी ने जैसे ही उनके कमरे का दरवाजा खोला, उन्होंने पुलिस के सामने ही लाइसेंसी पिस्तौल से पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी। मौके से पुलिस ने सात खोल उठाए थे।
शिवानी के मुताबिक, पुलिस वाले गोलियां चलते ही भाग खड़े हुए थे। बहू ने कहा है कि बुधवार रात 10 बजे परिवार के ही गुरबख्श उनके पति मुरारी को बुलाने आए थे। इसके बाद ससुर ने उनकी हत्या कर दी। इस साजिश में सास मनजीत कौर, ननद पूजा व ममेरी ननद वंदना, गुरबख्श और कमलू भी शामिल हैं।


आरोपी की छोटी बेटी आंचल ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष दिवाली के आसपास पिता ने भाई व मुझ पर गोली मारने की कोशिश की थी। भाभी शिवानी ने तीन बार पिता के खिलाफ थाने में शिकायत दी। पिस्तौल में गोली भरते वीडियो तक दिए लेकिन कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई करती तो भाई की जान बच सकती थी।

गोलियां चलते ही भाग गए थे डायल 112 के दोनों पुलिसकर्मी
शिवानी ने बताया कि डायल 112 की गाड़ी में गांव आए दोनों पुलिसकर्मी हत्याकांड के दौरान सामने ही खड़े थे। जैसे ही गोलियां चलीं, दोनों गाड़ी लेकर भाग गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बेटे मुरारी की सूचना पर गांव गई टीम में सिपाही बलजीत और एसपीओ जगबीर गाड़ी से गए थे। गाड़ी के इंचार्ज ईएएसआई वजीर छुट्टी पर थे। शिवानी ने दोबारा डायल 112 को फोन किया, तब मुरारी को नागरिक अस्पताल लेकर गए।
पोस्टमार्टम में मिली थीं शरीर में पांच गोलियां

नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की टीम ने मुरारी के शरीर से पांच गोलियां निकाली थीं। एक गोली रीढ़ की हड्डी में धंसी हुई थी।

वर्जन

एएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी है। कार और पिस्तौल की बरामदगी के लिए आरोपी को पुलिस गांव लेकर गई थी लेकिन पिस्तौल नहीं मिली। डायल-112 पुलिसकर्मी जांच में दोषी मिले तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -कुलदीप सिंह, एसपी जींद

वीरवार रात 9 बजे अंतिम संस्कार, नहीं पहुंची मां

इकलौते बेटे की मौत पर मां मनजीत कौर का तो कलेजा फट जाना चाहिए था लेकिन वह अंत्येष्टि में भी गांव नहीं आईं। गांव वालों के बीच इसकी खूब चर्चा भी है। मुरारी के शव का वीरवार रात करीब 9 बजे गांव में अंतिम संस्कार किया गया। पति और गोद ली गई बेटी के साथ चंडीगढ़ में रह रहीं मनजीत पर बहू ने हत्या की साजिश का आरोप लगाया है।
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