नागरिक अस्पताल में चार साल बाद अब आंखों के ऑपरेशन होने की उम्मीद जगी है। सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान के दिशा-निर्देशानुसार वीरवार को ऑपरेशन थिएटर की साफ सफाई का कार्य शुरू करवाया गया है। हालांकि पहले जींद स्वास्थ्य विभाग के पास चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे और अब दो स्पेशलिस्ट आई सर्जन जींद में पिछले तीन माह से काम भी कर रहे हैं लेकिन ऑपरेशन थियेटर में लीकेज व छोटी-मोटी ऐसी समस्याएं थी जो ऑपरेशन के दौरान मरीज व चिकित्सक के लिए परेशानी बन सकती थी। ऐसे में ऑपरेशन नहीं किए जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने सबसे पहले ऑपरेशन थियेटर की छत से हो रहे रिसाव की समस्या को दूर करवाया है और अब थियेटर की साफ-सफाई व उपकरणों के रखरखाव को लेकर कार्य शुरू किया गया है।
चार साल स्वास्थ्य विभाग के पास आई स्पेशलिस्ट नहीं था। जींद में केवल एक ही आई स्पेशलिस्ट डॉ. देवेंद्र बिंदलिश थे जो नरवाना अस्पताल के एसएमओ भी हैं वो हर बुधवार को आकर ओपीडी भी करते थे। तीन माह पहले अस्पताल को दो आई स्पेशलिस्ट डॉ. गितांशु व डॉ. वैशाली मिले लेकिन आंखों के ऑपरेशन के लिए थियेटर तैयार नहीं था। ऑपरेशन थियेटर में लीकेज थी जिस कारण ऑपरेशन थिएटर बंद रहा और इस कारण आंखों के ऑपरेशन नहीं हो रहे थे।
प्रतिदिन आते हैं 300 से 350 मरीज
नागरिक अस्पताल में औसतन 300 से 350 मरीज अपनी आंखों की जांच करवाने के लिए आते हैं। वहीं जांच के दौरान अस्पताल में मोतियाबिंद के मामले भी सामने आते हैं लेकिन इन मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। ऐसे में मरीजों को नरवाना के सरकारी अस्पताल, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पतालों या फिर भिवानी नागरिक अस्पताल रेफर किया जा रहा था।
ऑपरेशन थिएटर का कुछ रिपेयरिंग का कार्य बाकी थी जिसे शुरू करवा दिया है। 15 दिन में यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी ऑपरेशन से संबंधित उपकरण ऑपरेशन थिएटर में रखवा दिए जाएंगे और आंखों के ऑपरेशन शुरू करवाए जाएंगे।
-डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ।