उचाना के नागरिक अस्पताल में स्थापित आणविक प्रयोगशाला।
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जिले में शुरू हो रही आणविक प्रयोगशाला (आरटीपीसीआर) सोमवार से अपना काम शुरू कर देगी। प्रयोगशाला में चार-पांच सैंपलों की जांच करके उनकी रिपोर्ट पीजीआई चंडीगढ़ भेजी गई है। यदि इन सैंपलों की रिपोर्ट पहली रिपोर्ट से मेल खा गई तो प्रयोगशाला को जांच के लिए मंजूरी मिल जाएगी।
जानकारी के लिए जिले में आणविक प्रयोगशाला की मशीनें 13 जुलाई को मिल गई थीं। इसके बाद धीरे-धीरे इसका अन्य सामान भी उपलब्ध हो गया था। मशीन को स्थापित करने के लिए नागरिक अस्पताल में जगह नहीं मिलने पर अर्बन एस्टेट स्थित पॉली क्लीनिक में इसे स्थापित करने की योजना बनाई गई, मगर वहां पर भी जगह नहीं मिलने पर इसे उचाना के नागरिक अस्पताल में स्थापित किया गया है। यहां पिछले एक महीने से प्रयोगशाला तैयार करने का लगातार काम चलता रहा। अब प्रयोगशाला पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट सही है या नहीं इसकी जांच की जा रही है।
दूसरी प्रयोगशाला में जांचे गए चार-पांच सैंपलों की यहां दोबारा जांच की गई है। इनकी जांच रिपोर्ट चंडीगढ़ पीजीआई के लिए भेजी गई है। यदि दूसरी प्रयोगशाला से इन सैंपलों की रिपोर्ट मेल खा गई तो सोमवार से प्रयोगशाला जींद में शुरू हो जाएगी। इसके बाद सभी आरटीपीसीआर सैंपलों की जांच जींद में ही हो सकेगी। यदि रिपोर्ट मेल नहीं खाई तो फिर मशीन की जांच की जाएगी और कमी का पता लगाकर उसे दोबारा शुरू किया जाएगा।
आणविक प्रयोगशाला में सैंपलों की जांच करके रिपोर्ट भेजी गई है। यदि इन सैंपलों की रिपोर्ट पहली वाली रिपोर्ट से मेल खा गई तो फिर चंडीगढ़ पीजीआई उन्हें आईसीएमआर के लिए अनुमति दे देगा। इसके बाद जींद में ही कोरोना सैंपलों की जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।