फोटो कैप्शन सफीदों नहर की पटरी पर नाला साफ करने के बाद फैला हुआ कीचड़। संवाद
सफीदों। मानसून से पहले जलभराव और बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका ने शहर में नालों की सफाई अभियान शुरू किया है। सफाई के बाद निकाली जा रही गाद को समय पर नहीं हटाया जा रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क किनारे तीन दिन से पड़ी गाद से दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
तीन दिन पहले नगर पालिका ने नहर पटरी स्थित गोशाला के पास नाले की सफाई करवाई थी। सफाई के दौरान निकाला गया कीचड़ और गाद सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। अब यह गाद सड़क पर फैल गई है जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां दुर्घटना होने का खतरा लगातार बना हुआ है। बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
शहर निवासी सुनील कुमार, रोहित, विजय और राजीव ने बताया कि हल्की बारिश होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क किनारे जमा गाद पानी के साथ बहकर दोबारा नालों और सड़कों में फैल जाती है। इससे सफाई अभियान का उद्देश्य भी प्रभावित होता है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि नालों से निकाली गई गाद को तत्काल ट्रैक्टर या ट्रॉली के जरिए निर्धारित डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाना चाहिए। यदि गाद गीली हो तो भी उसे कुछ घंटों के भीतर हटाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि नाला सफाई के साथ-साथ गाद के शीघ्र निस्तारण की भी प्रभावी व्यवस्था की जाए ताकि मानसून के दौरान आमजन को राहत मिल सके।
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तीन-चार दिन पहले नहर पटरी गोशाला के समीप नाला साफ करवाया गया था। उस समय कीचड़ को ट्रॉलियों में भर पाना संभव नहीं था। इसके चलते उसे सूखने के लिए छोड़ा गया था। शनिवार तक गाद और कीचड़ को उठाकर वहां पर सफाई करवा दी जाएगी। शहर के लोगों को परेशानी नहीं दी जाएगी।
-सुरेश लोहान, एमई नगरपालिका सफीदों।