अलेवा। पीएचसी नगूरां की टीम ने शाहपुर, मांडी खुर्द, रायचंदवाला तथा हसनपुर गांव में 46 लोगों को वयस्क बीसीजी का टीका लगाने के अलावा मलेरिया तथा डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने। इसमें मुख्य रूप से चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम ने भाग लिया।
स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने कहा कि भारत सरकार के देश को दिसबंर 2025 तक टीबी मुक्त करने के निर्णय को कारगर साबित करना है। उन्होंने कहा कि पीएचसी की टीम अप्रैल के अंत तक सभी गांवों के लोगों का टीकाकरण करेगी। उन्होंने बताया कि बीसीजी का टीका गर्भवती, स्तनपान करवाने वाली महिला एवं वर्तमान में टीबी का इलाज करवा रहे मरीज, एचआईवी, कैंसर, स्ट्रायड दवा लेने वाले मरीज, ट्रांसजेंडर व जिसने पिछले तीन महीने में रक्त लिया हो व गंभीर रूप से बीमार, लंबे समय से बिस्तर पर हो, को बीसीजी की वैक्सीन नहीं दी जाएगी। बीसीजी का टीका लगाए गए व्यस्कों की स्वास्थ्य विभाग काउंसलिंग करेगा ताकि उन पर वैक्सीन का प्रभाव देखा जा सके।
बीसीजी वैक्सीन के जरिये 2025 तक टीबी को खत्म करके भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि लोग रविवार को ड्राई-डे के रूप में मनाते हुए हौदी, कूलर, टंकी, फ्रिज की ट्रे, छत पर पड़े कबाड़ व नालियों की सफाई करें। रात को सोते समय पूरी बाजू के कपड़े पहने, मच्छर भगाने वाली क्रीम एवं मच्छरदानी का प्रयोग करें। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मचारी कुलदीप सैनी, संजय कुमार, विनोद, कृष्ण रेढू, सुभाष, एएनएम रीनू शर्मा, नवीन, सुषमा, ज्योति, आशा वर्कर मीना, बाला, रीना, रीनू, सीमा, पिंकी मौजूद रहीं।
09जेएनडी07: हसनपुर गांव में व्यस्क बीसीजी का टीका लगाती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद