पोंकरी खेड़ी में पहुंची एसआईटी की टीम। संवाद
- फोटो : Jind
पोंकरी खेड़ी गांव में 20 अगस्त 2012 की रात को सिर में तेजधार हथियार से वार कर मां-बेटे की हत्या के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को रोहतक रेंज के एडीपीजी संदीप खिरवाल वारदात स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महिला के ससुर और आसपास के लोगों से वारदात के बारे में जानकारी ली।
नौ साल पहले पोंकरी खेड़ी के रहने वाले सीआरपीएफ जवान केवल सिंह की पत्नी सुमित्रा और उसके बेटे विजय की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पहले भी कई बार जांच हो चुकी है, लेकिन हत्यारों का पता लगाने में पुलिस की टीम नाकाम रही है। हत्या किसने की और इसके पीछे किसका हाथ है, इस बारे में कई बार पुलिस ने जांच की, लेकिन हर बार उनके हाथ खाली रहे। केवल सिंह ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर वर्ष 2016 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सितंबर 2019 में हाईकोर्ट ने इस मामले में एडीजीपी संदीप खिरवाल के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। तीन माह में जांच करने के निर्देश दिए। एसआईटी ने बाद में हत्या का सुराग देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम की देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। बाद में लॉकडाउन लगने के चलते एसआईटी जांच नहीं कर पाई और हाईकोर्ट में भी इसकी सुनवाई टलती रही। अब एसआईटी को 30 जुलाई को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसलिए एडीजीपी संदीप खिरवाल अपनी टीम के साथ गांव पोंकरी खेड़ी पहुंचकर वारदात स्थल का जायजा लिया।
2012 में पोंकरी खेड़ी में घर में सो रहे मां-बेटे की तेजधार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी मामले की जांच के लिए परिजनों से हत्या के बारे में पूछताछ करने के लिए गांव में गई थी। -वसीम अकरम, एसएसपी जींद।