फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: बिना एनओसी चल रहे निर्माण पर कार्रवाई करेगा प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। जिला प्रशासन शहर से गुजरने वाले नेशनल हाइवे के आसपास चल रहे बिना एनओसी के निर्माण कार्यों पर कार्रवाई करेगा। निर्माण कार्य को हटाकर समतल किया जाएगा। इसके अलावा नगर परिषद के बंदर पकड़ो अभियान की जांच विजिलेंस को दी जाएगी। डीसी मोहम्मद इमरान रजा मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन


डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने पत्रकारवार्ता में माना कि पिछले डीटीपी (जिला योजनाकार अधिकारी) ने अवैध निर्माण कार्य करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की। इस कारण अवैध निर्माण का दायरा बढ़ गया, लेकिन अब अवैध निर्माण पर जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा। नए बस अड्डे समेत शहर के चारों तरफ धड़ल्ले से बिना एनओसी के निर्माण कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए बस स्टैंड के पास हाईवे पर यू-टर्न की सुविधा शुरू करने की योजना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाएं कम हो सके।
शहर के मुख्य चौक पर उच्च गुणवता के कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिससे पोस्टल चालान की सुविधा भी जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था और सुरक्षित हो सके। उन्होंने बताया कि बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या को हल करने के लिए रानी तालाब के पास गुरुद्वारे की खाली जमीन पर वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अग्निशमन स्टेशन की जगह भी पार्किंग स्थल बनाने की योजना है। इसके अलावा पुराने बस अड्डे को कंडम घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस जगह मल्टी स्पेशल अस्पताल, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए ऑडिटोरियम भी बनाया जा सकता है।
विज्ञापन

ऑडिटोरियम में राहगीरी जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे। वहीं, एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया भी चल रही है, इससे जल्द ही सिंथेटिक ट्रैक बिछाया शुरू कर दिया जाएगा। मेडिकल सुविधाओं को लेकर डीसी ने कहा कि जिले के मेडिकल कॉलेज में अगले 6-7 महीनों में ओपीडी शुरू हो जाएगी, जिससे जिला के लोगों को ही नहीं बल्कि आस-पास के क्षेत्रों को भी काफी फायदा होगा। अब शहर से बंदर और बेसहारा पशुओं को भी पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। उसके बाद शहर को बंदर और बेसहारा पशुओं से मुक्त कर दिया जाएगा।

बॉक्स

साढ़े सात एकड़ में ट्रामा सेंटर बनाने की योजना

महिला पुलिस थाना के पीछे साढ़े सात एकड़ में प्रशासन की ट्रामा सेंटर बनाने की योजना है। फिलहाल जींद के आसपास सात-आठ नेशनल हाईवे गुजर रहे हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटनाएं भी ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में घायलों को प्राथमिक तौर पर नागरिक अस्पताल में समय पर उपचार नहीं मिल पाता। कई बार तो घायलों को बिना उपचार के लिए रेफर करना पड़ता है। इसके कारण घायल बीच रास्ते ही दम तोड़ देते हैं, लेकिन जींद में ट्रामा सेंटर बनने से घायलों को सही समय पर इलाज मिल सकेगा और मौत के आंकड़ों में कमी आएगी।

बॉक्स

जेडी-7 पर लाया जाएगा अग्निशमन स्टेशन

फिलहाल सफीदों रोड पर अग्निशमन स्टेशन है, जो आबादी बढ़ने के कारण अब शहर के बीच में आ गया है। ऐसे में शहर या कहीं बाहर आग लगने की घटना होती है तो भीड़-भाड़ ज्यादा होने के चलते अग्निशमन की गाड़ियों को बाहर निकलने में दिक्कत होती है। ऐसे में अब अग्निशमन स्टेशन को जेडी-7 पर लाने की योजना बनाई जा रही है। जेडी-7 शहर के बीचों बीच है, जिससे अग्निशमन की गाडिय़ों को बाहर निकालने में दिक्कत न हो और न ही समय ज्यादा लगे।

बॉक्स

बंदर पकड़ो अभियान की जांच के लिए लिखा पत्र

पिछले दिनों नगर परिषद की तरफ से शहर में बंदर पकड़ो अभियान चलाया गया था। नगर परिषद ने दावा किया था कि शहर से लगभग 5800 बंदर पकडक़र बाहर छोड़े जा चुके हैं और उस पर लगभग एक करोड़ रुपये की राशि भी खर्च की जा चुकी है। वहीं, शहर में बंदरों की संख्या कम नहीं हो रही थी। यह मामला नगर परिषद की हाउस की बैठक में उठाया गया, जिस पर डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने इस मामले की जांच विजिलेंस से करवाने बारे कहा था। इसको लेकर अब प्रदेश के मुख्य सचिव ने पत्र लिखकर मामले की जांच विजिलेंस से करवाने बारे कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें