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प्रशासन गोभक्तों से कर रहा सौतेला व्यवहार : संत गोपाल दास

Sat, 02 Mar 2024 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। पिछले 40 दिनों से लघु सचिवालय के बाहर अनशन पर बैठे संत जगतानंद महाराज के समर्थन में शुक्रवार को संत गोपालदास यहां पहुंचे। उन्होंने प्रशासन पर संतों के साथ सौतेला व्यवहार करने के आरोप लगाते हुए कहा कि डीसी उनको मिलने का समय तक नहीं दे रहे हैं। जगतानंद महाराजा को पिछले दिनों जबरदस्ती अनशन से उठाकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया, उनकी दाड़ी खींची गई तथा उनके साथ अभद्रता की गई, जो सहनीय नहीं है। गोपालदास ने कहा कि ऐसा कुछ होने से उन्हें रोना आता है कि संतों के साथ प्रशासनिक अधिकारी ऐसा व्यवहार कर रहे हैं। जल्द ही शंकराचार्य जी यहां आएंगे और एक बड़ा कार्यक्रम यहां होगा। गोमाता की रक्षा के लिए भारत बंद का भी आह्वान किया जा सकता है।
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पत्रकारों से बातचीत में संत गोपाल दास ने कहा कि संत जगतानंद कोई अपनी तरफ से कुछ नहीं मांग रहे हैं। भाजपा ने जो अपने घोषण-पत्र में लिखा था, उसको पूरा करवाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से बीड़ में 500 एकड़ भूमि में गोवंश की खुशहाली के अभयारण बनाने को कहा गया था। यह अभयारण बनाने की बात भाजपा के घोषणा पत्र में भी है। इसके अलावा चारा विकास बोर्ड गठित करने, चारागाह के लिए जमीन देने की बात भी घोषणा पत्र में थी, जो आज तक पूरी नहीं हुई। गाय हमारा माता है। गाय बचेगी तो देश बचेगा, लेकिन आज गाय के जीवन पर संकट आ खड़ा हुआ है। न सरकार कुछ कर रही और न ही प्रशासन कुछ कर रहा। सरकार वायदे तो कर देती है, लेकिन उसका पूरा नहीं कर रही। गाय का हक मारकर किसी का भला नहीं हो सकता।
पांच लोगों को मिलने का नहीं दिया डीसी ने समय
संत गोपालदास ने कहा कि कुछ शहर के मौजिज लोगों को साथ लेकर पांच लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलने के लिए गया था, लेकिन डीसी ने मिलने का समय तक नहीं दिया। ऐसे में गोवंश का भला कैसे हो सकता है। कुछ समय पहले डीसी ने गोसेवा आयोग के चेयरमैन को बुलाकर बैठक करवाने को भी कहा था, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। यह सरकार तथा प्रशासनिक अधिकारी वायदों से मुकर रहे हैं, जो कि भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
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