चमेला नगर से अपहरण करके जिंदा ही नहर में फेंके बच्चे का शव पांच दिन के बाद राजली हेड से बरामद हुआ। परिजनों ने बच्चे को ढूंढने के लिए पांच दिनों में पूरी नहर को खंगाला लेकिन बच्चे का सुराग नहीं लग पाया। रविवार रात्रि को बच्चे का शव उतरा कर ऊपर आ गया। किसी ने शव को देकर प्रशासन को सूचना दी। बाद में शहर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
ज्ञात रहे कि 16 फरवरी को चमेला नगर में बडनपुर निवासी रामफल जांगड़ा के लड़के की शादी थी। विवाह समारोह में रामफल की बुआ का परिवार भी आया हुआ था। शाम को जब बारात जाने की तैयारियां चल रही थी कि रामफल की बुआ का आठ वर्षीय पौत्र गांव सुलचानी निवासी आदित्य संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। किसी ने बताया कि आदित्य को उसी का चाचा मनदीप बाइक पर बैठा ले गया।
बच्चे के पिता कपिल ने अपने चाचा के लड़के के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को काबू करके पूछताछ की तो उसने बच्चे को नहर में जिंदा फेंकने की बात कबूल की। परिजनों ने पुलिस को लेकर आदित्य की नहर में पांच दिनों तक तलाश की लेकिन आदित्य का कोई सुराग नहीं लग पाया। रविवार रात को बच्चे का शव तैरकर ऊपर आया।
रुपये के लेनदेन की रंजिश में बच्चे को नहर में फेंका
पुलिस के अनुसार आरोपी मनदीप कपिल के चाचा का लड़का है। वह कई वर्ष कपिल के साथ रहा। मनदीप अपने भतीजे को काफी प्यार करता था। दो वर्ष पूर्व मनदीप का एक्सीडेंड हुआ था। मनदीप के अनुसार कपिल ने उसका इलाज ठीक नहीं कराया। आपस में कुछ रुपयों का लेन देन भी बताया गया। मनदीप उसी समय से कपिल के प्रति रंजिश रखता था। लेकिन रंजिश में कपिल आदित्य को नहर में फेंक देगा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।