जींद। गर्मी में यात्रियों को एसी बसों में सफर करने की सुविधा मिले, इसको लेकर रोडवेज डिपो गंभीर है, मगर अभी तक कोई बस नहीं शामिल हो पाई है। यात्रियों ने गर्मी को देखते हुए डिपो से एसी बस चलाने की मांग की है। डिपो को एसी बसों के आने की उम्मीद है।
प्रदेश में हिसार, रोहतक, करनाल, अंबाला, चंडीगढ़, दिल्ली, सोनीपत और पंचकूला सहित अन्य डिपो में एसी बसें चलने लगी हैं, जबकि जींद से अभी तक नहीं चल पाई है। गर्मी और बसों में भीड़ ज्यादा होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डिपो की तरफ से पिछली बार पांच एसी बसों की डिमांड मुख्यालय भेजी गई थी। इस पर मुख्यालय ने एसी बसों को चलाने के लिए डिपो से कम से कम दस रूट प्लान मांगा था। इसके चलते पिछली बार एसी बसों की बात सिरे नहीं चढ़ पाई थी।
पिछले साल अप्रैल की शुरुआत में मुख्यालय ने नई बसें भेजनी शुरू की थीं। जून में मुख्यालय ने गर्मी को देखते हुए एसी बस चलाने की योजना बनाई थी। इसके चलते प्रदेश के विभिन्न डिपो से एसी बसों की डिमांड मांगी गई थी। जींद डिपो की ओर से पांच एसी बसों की डिमांड भेजी गई थी, जबकि मुख्यालय का कहना था कि डिपो कम से कम दस रूट या इससे ज्यादा का प्लान तैयार करेगा तभी एसी बसों को चलाया जा सकेगा। इसके चलते जींद डिपो में एसी बसों की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। जींद डिपो में फिलहाल 200 बस ऑन रूट हैं, जिनमें हर रोज लगभग 17 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे डिपो को लगभग 12 लाख रुपये का राजस्व मिलता है। यदि डिपो एसी बस शुरू करे तो हजारों यात्रियों को गर्मी से राहत मिल सकेगी।
रोडवेज डिपो ने पिछली बार पांच एसी बसों की डिमांड मुख्यालय को भेजी थी, लेकिन मुख्यालय ने एसी बस चलाने के लिए कम से कम दस रूटों की संख्या मांगी थी। इसके चलते पिछले साल एसी बसें डिपो में शामिल नहीं हो पाई थी। अब जींद डिपो को लगभग दस बस मिलने की उम्मीद है। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, जींद।
07जेएनडी10-बस अड्डे के बूथों पर खड़ी बसें। संवाद