जींद। जींद में मंगलवार को चौधरी रणवीर सिंह यूनिवर्सिटी (सीआरसयू) के प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. जसवीर सूरा को बंधक बना लिया गया। विवाद आरटीआई का जवाब नहीं देने पर उपजा। बाद में यूनिवर्सिटी के दूसरे प्राध्यापकों ने वीसी से जवाब दिलवाने का भरोसा देकर दरवाजा खुलवाया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे के अध्यक्ष रोहन सैनी ने बताया कि एमबीए विभाग में पीएचडी के दाखिले में गड़बड़ी हुई थी। चार सीट पर 11 विद्यार्थियों के दाखिले हुए थे। विभाग के अध्यक्ष डॉ. जसवीर सूरा ने बीसी कोटे में भी गड़बड़ी की कोशिश की। छात्र संगठन ने इस पर आरटीआई भी लगाई। डॉ. सूरा एक साल से इसका भी जवाब नहीं दे रहे। सबसे बड़ा घोटाला परीक्षा विभाग में तैनात कर्मचारी एंट्रेंस में टॉप करने का है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कमेटी भी बनाई। 10 माह से ज्यादा हो गए, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। फर्स्ट अपीलेंट ऑथोरिटी के निर्देश को भी विभागाध्यक्ष ने अनदेखा कर दिया। एबीवीपी यूनिवर्सिटी में डॉ. सूरा के खिलाफ पोस्टर भी लगा चुकी है।
वीसी से मिलवाने का भरोसा नहीं आया काम
मंगलवार को इसी संबंध में परिषद की इकाई बात करने पहुंची। बताया जा रहा है कि डॉ. सूरा ने जवाब देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद विभागाध्यक्ष और छात्र संगठन में विवाद बढ़ गया। परिषद के सभी कार्यकर्ताओं ने विभागाध्यक्ष के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। करीब 2 घंटे विभागाध्यक्ष कमरे में बंद और बाहर नारेबाजी होती रही। इसके बाद यूनिवर्सिटी के दूसरे प्राध्यापकों ने वीसी से जवाब दिलवाने का भरोसा देकर दरवाजा खुलवाया। वीसी से मिलने गए तो वह भी एक कार्यक्रम में व्यस्त थे। आखिर आज भी कोई हल नहीं निकला।