जींद। कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को खत्म करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को समाप्त करना देश के करोड़ों मेहनतकश मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर सीधा हमला है।
यह बातें शनिवार को कांग्रेस जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा रही है, जिसे खत्म कर भाजपा सरकार ने आम जनता के साथ अन्याय किया है। ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने मनरेगा कानून लागू किया था, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगारों को वर्ष में 100 दिन रोजगार मांगने का कानूनी अधिकार मिला।
इस योजना से हर साल पांच से छह करोड़ ग्रामीण मजदूरों को काम मिलता रहा। इससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी जरूरतें पूरी कर पाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन अधिनियम वीबीजी रामजी कर दिया है, जो जनता की सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ है।
कांग्रेस पार्टी इस नाम परिवर्तन और नए कानून को न स्वीकार करेगी और न ही देश की मेहनतकश जनता इसे मानेगी। इसके खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। प्रधान ने कहा कि वीबीजी रामजी कानून में रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। सरकार द्वारा वर्ष में 125 दिन रोजगार देने का दावा केवल छलावा है, क्योंकि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि मजदूर अपनी जरूरत के अनुसार काम मांग सकेगा। सरकार अपनी सुविधा से काम देगी, जिससे मजदूर फिर से असुरक्षा की स्थिति में पहुंच जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामभज लोधर, सुभाष गांगोली, प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रमेश सैनी, पूर्व प्रत्याशी महावीर गुप्ता मौजूद रहे।
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बाबा साहब की प्रतिमा के पास उपवास आज
जींद। मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी 11 जनवरी को शहर के रानी तालाब स्थित बाबा साहब डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के पास एक दिवसीय उपवास रखेगी। संवाद