जींद। परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए नगर परिषद विभाग की ओर से रोजगार कार्यालय से 200 सक्षम मांगे गए हैं। लेकिन नगरपरिषद की कार्य योजना के खिलाफ मंगलवार को सक्षम लामबंद हो गए। सक्षम युवाओं का कहना है कि उन्हें रोजाना सुबह-शाम कार्यालय बुलाया जा रहा है। इससे उसको समय और आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि दिनभर में सक्षम युवाओं ने क्या काम किया, इसकी जानकारी के लिए उन्हें कार्यालय बुलाया जा रहा है।
सक्षम युवाओं का कहना है कि उनका काम फील्ड का है और वह सीधे घर से अपना काम शुरू करेंगे। उनका काम ऑनलाइन तरीके से भी जांचा जा सकता है। अगर वह सुबह और सायं को नप कार्यालय में आएंगे तो इससे उनको जो छह हजार रुपये मानदेय मिलता है। वह पूरा बस और ऑटो के किराये में लग जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बारे में अधिकारियों से बात की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस समस्या को लेकर सक्षम डीएमसी से भी मिले, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें शाम को भी रिपोटिंग करने को कहा गया। ऐसा वह नहीं कर सकते। सक्षम युवा इस समस्या को लेकर जिला नगर आयुक्त से भी मिले। डीएमसी ने कहा कि हाजिरी लगानी पड़ेगी, ऐसे में रिकॉर्ड कैसे तैयार होगा।
सक्षम युवा सोनू, संदीप, अजमेर, कीर्ति, मुकेश, मंजू, रजनी, सुनीता ने बताया कि सभी सक्षम युवाओं का व्हाट्सअप ग्रुप बनाया हुआ है। इस ग्रुप में यदि सक्षम युवा आपस में किसी दिक्कत के आने पर बात करते हैं तो इस पर भी एतराज जताया जाता है। तीन-चार सक्षम को इसी वजह से ग्रुप से निकाल दिया गया। पिछले बार भी कई सक्षम युवाओं ने नगर परिषद में काम किया था, लेकिन 20 से अधिक सक्षम युवाओं की हाजिरी आज तक नहीं लगाई गई। अब उनके साथ भी ऐसा ही किया जा रहा है। 17 तारीख को उन्होंने रिपोटिंग की थी। अब छह दिन बीतने के बाद भी उनकी हाजिरी नहीं लगाई गई।
इस बारे में नप के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने बताया कि सक्षम ने दिनभर में कितना काम किया है। इसकी जानकारी लेने के लिए कार्यालय में बुलाने की बात कही गई है।