मांगों को लेकर प्रदेश सरकार का पुतला फूंकते आशा कार्यकर्ता।
- फोटो : bureau
आशा वर्कर यूनियन संबंधित सीटू के आह्वान पर आशा कार्यकर्ताओं ने रविवार को नागरिक अस्पताल के सामने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। सुबह आशा कार्यकर्ता नीलम की अध्यक्षता में महिलाएं नागरिक अस्पताल में एकत्र र्हुइं और रोष सभा कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रोष सभा की संबोधित करते हुए सीटू जिला सचिव कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि एक तरफ तो जहां हरियाणा की खट्टर सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का ढकोसला कर रही है। वहीं दूसरी ओर घटते लिंगानुपात के नाम पर आशा कार्यकर्ता महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज लोगों की समस्याओं के समाधान का बड़ा ड्रामा करते हैं, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को दो बार मिलने के लिए बुलाकर भी कोई बातचीत नहीं की। उन्होंने कहा कि सभी समाज कल्याण की योजनाओं के बजट में भारी कटौती की जा रही है और महिलाओं को मामूली से रोजगार से भी बाहर किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं का लंबे समय से रुके हुए मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके चलते आशा कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। मंजू, सावित्री और प्रमिला ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते आशा कार्यकर्ता आंदोलन करने को मजबूर हैं। अगर जिला प्रशासन द्वारा हटाई गई आशा कार्यकर्ताओं को काम पर वापस नहीं लिया गया, तो आगामी 16 अगस्त से जिला डीसी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर नौ अगस्त को करनाल में होने वाली महारैली व दो सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में आशा कार्यकर्ता हिस्सा लेंगी।