बरसोला स्टेशन के पास शव को लेने के लिए पहुंची एंबुलेंस। संवाद
जींद। दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग स्थित बरसोला स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस से गिरने से यात्री की मौत हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। मृतक पंजाब के पटियाला जिले के गांव सनोर का रहने वाला 22 वर्षीय सुखचैन है। पुलिस ने नागरिक अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। वहीं मृतक के परिजनों ने बरसोला स्टेशन मास्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। यदि स्टेशन मास्टर समय पर जीआरपी को सूचना देते तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी। रेलवे कर्मचारियों ने उनके बेटे को ढुंढ़वाने में भी सहयोग नहीं किया।
सुखचैन शनिवार रात को अपनी मां, मामी और नानी के साथ साबरमती एक्सप्रेस में अलवर से सवार हुए थे। सभी वहां पर शोक प्रकट करने के लिए गए हुए थे। वह साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से पटियाला जा रहे थे। जींद जंक्शन से निकलते ही सुखचैन अपनी नानी को वॉशरूम में छोड़ने चला गया। जब ट्रेन बरसोला स्टेशन के पास पहुंची तो अचानक ट्रेन में झटका लगा और दरवाजे पर खड़ा सुखचैन नीचे गिर गया। सुखचैन के गिरने पर यात्रियों ने चेन पुलिंग कर रेल कर्मचारियों को सूचना दी, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना जीआरपी को नहीं दी। ट्रेन आधा घंटा तक वहीं खड़ी रही। जीआरपी को सूचना रविवार सुबह नागरिक अस्पताल से ही मिली। परिजनों का कहना था कि यदि समय पर नागरिक अस्पताल ले जाया जाता तो सुखचैन की जान बच सकती थी। स्टेशन मास्टर की लापरवाही से ही उसकी जान गई है। वे उनके बच्चे को ढुंढ़वाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन रेलवे कर्मचारियों को इन पर रहम नहीं आई। रविवार सुबह युवक को ढूंढ़कर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।