18जेएनडी24 : बरसोला माइनर के पास बना नहरी पानी को जलघर तक पहुंचाने वाला चैबर। स्रोत ग्रामीण
जींद। उचाना कलां के खेड़ी मंसानिया रोड पर बने जलघर के टैंकों में अब बरसोला माइनर से नहरी पानी पहुंचेगा। यहां पर जो पहले पाइप लाइन थी वह कंडम होने के चलते नहरी पानी टैंकों में नहीं पहुंच पाता था।
उचाना कलां-उचाना खुर्द रोड पर बरसोला माइनर से खेड़ी मंसानिया रोड पर बने जलघर तक 80 लाख रुपये के करीब राशि खर्च करके 1750 मीटर पाइप लाइन बिछाई गई है जिससे नहरी पानी टैंकों में पहुंचेगा। यहां पर डब्ल्यूटीपी भी बन रहा है। करीब एक करोड़ से बनने वाले डब्ल्यूटीपी की क्षमता हर रोज 25 लाख लीटर पानी को फिल्टर करने की है।
जलघर में पहले फिल्टर वाटर के स्टोरेज के लिए जो टैंक थे वो 7 लाख लीटर के थे। यहां पर करीब 13 लाख रुपये खर्च करके एक टैंक भी बनाया गया है। नए टैंक में 2 लाख लीटर पानी स्टोर हो सकेगा। अब 9 लाख लीटर फिल्टर पानी यहां स्टोर हो सकेगा। उचाना कलां जलघर सबसे पुराना है। यहां उचाना कलां के अलावा उचाना शहर में भी पानी की सप्लाई होती है। नपा एरिया के लोग कई सालों से नहरी पानी टैंकों में पहुंचाने की मांग करते आ रहे है। यहां पर अंतिम चरण में चल रहे कार्य के चलते लोगों की ये मांग पूरी हो चुकी है।
रामचंद्र, सत्यवान, राजू, शमशेर, सत्यवान ने कहा कि सबसे पहले जो जलघर बना था वो खेड़ी मंसानिया रोड पर बना था। यहां पर पहले पानी बरसोला माइनर से आता था लेकिन जो पाइप लाइन थी वो कंडम होने के चलते टैंकों में पानी नहीं आता था। जो यहां पर सबमर्सिबल थे उससे पानी जो टैंकों में भरा जाता था। अब यहां पर चल रहे कार्य के चलते जल्द काम पूरा होने पर पीने के पानी की किल्लत थी वो दूर हो जाएगी। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने कहा कि नहरी पानी हर घर में पहुंचेगा ये हमारा प्रयास है। उचाना कलां जलघर में एक करोड़ से डब्ल्यूटीपी लगभग बन कर तैया हो चुका है तो यहां पर एक नया वाटर क्लीयर टैंक भी बना है।