संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में जनस्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सब्जी मंडी स्थित बूस्टिंग स्टेशन पर लगे गैस टाइप फुल वैक्यूम क्लोरीनेशन सिस्टम के व्यापक रखरखाव (कम्प्रीहेंसिव मेंटेनेंस) और क्लोरीन गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग के लिए अब टेंडर लगाया है।
इस कार्य पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बूस्टिंग स्टेशन पर स्थापित क्लोरीनेशन सिस्टम शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। इसी सिस्टम के माध्यम से पानी में तय मानकों के अनुसार क्लोरीन मिलाई जाती है। इससे बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते हैं।
समय-समय पर इस सिस्टम का रखरखाव न होने पर पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस टेंडर के तहत गैस टाइप फुल वैक्यूम क्लोरीनेशन सिस्टम के सभी तकनीकी हिस्सों की जांच, मरम्मत और आवश्यकतानुसार पुर्जों की बदलने का कार्य किया जाएगा।
साथ ही क्लोरीन गैस सिलेंडरों की नियमित रिफिलिंग भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी समय क्लोरीन की कमी न हो और जल आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे।
शहरवासियों को इससे कई प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर पेयजल मिलेगा। जलजनित रोग जैसे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और हैजा जैसी बीमारियों की आशंका कम होगी। इसके अलावा क्लोरिनेशन सिस्टम के सुचारू संचालन से पानी की गुणवत्ता पर लगातार नियंत्रण बना रहेगा और शिकायतों में भी कमी आएगी।
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बूस्टिंग स्टेशन पर क्लोरीनेशन सिस्टम व सिलिंडर रिफिलिंग के लिए टेंडर लगाया है। यह कार्य न केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है बल्कि भविष्य में बढ़ती आबादी और जल मांग को देखते हुए भी आवश्यक है। समय पर रखरखाव से सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उसकी उम्र भी लंबी होगी। इससे आगे चलकर बड़े खर्च से बचा जा सकेगा। अगले सप्ताह इसकी तकनीकी बिड खुलेगी। इसके बाद इस काम को पूरा करवा दिया जाएगा।
-भानू प्रकाश, एक्सईन जनस्वास्थ्य विभाग जींद।