मसंवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद चार लोगों की आंखों में फैले संक्रमण व एक व्यक्ति की आंख निकालने के मामले की जांच अब तीन चिकित्सकों की टीम करेगी। इसमें एक नर्सिंग ऑफिसर को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जिन मरीजों के ऑपरेशन के समय जो दवाइयां इस्तेमाल की गई थीं, उनके नमूने शुक्रवार को ड्रग कंट्रोलर लेंगे। इन दवाइयों की भी जांच की जाएगी ताकि पता चल सके, कहीं दवाइयों में तो कोई कमी नहीं थी।
30 मई को नागरिक अस्पताल में डॉ. गीतांशु ने चार लोगों की आंखों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए थे। ऑपरेशन के बाद इन मरीजों की आंखों में संक्रमण फैल गया था। सभी को रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया गया था। इनमें से गांव अमरहेड़ी निवासी 60 वर्षीय रामफल की आंख निकालनी पड़ी। अब रामफल पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन है, जबकि अन्य परिजन अपने मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में ले गए। स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन थिएटर को बंद कर दिया तथा इसकी जांच के लिए सैंपल लिए गए। इसमें कुछ रिपोर्ट तो मिल गई जबकि कल्चर रिपोर्ट आना अभी बाकी है। कल्चर रिपोर्ट से पता चलेगा कि हवा में पहले ही संक्रमण था या नहीं।
आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की विभागीय जांच के लिए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। इसमें डॉ. पालेराम कटारिया के अलावा ईएनटी सर्जन डॉ. अरविंद तथा नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र बिंदलिश को शामिल किया गया है। इसके अलावा इस कमेटी में एक नर्सिंग ऑफिसर को भी शामिल किया गया है। जल्द ही यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप देगी।
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मेरे खुद समेत तीन सदस्यीय चिकित्सकों की एक कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी। इसमें एक नर्सिंग ऑफिसर भी शामिल की गई हैं। जांच के बाद ही कुछ पता चल सकेगा। इसके अलावा इस्तेमाल की गई दवाइयों की भी जांच होगी। अभी तक कल्चर रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।-डॉ. पालेराम कटारिया, कार्यकारी सिविल सर्जन।