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मनरेगा की खामियों को दूर कर बना नया सशक्त कानून : देवेंद्र अत्री

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12जेएनडी27 : समस्या के समाधान को लेकर अधिकारी को फोन करते हुए विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री। स्र
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जींद। भाजपा विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने कहा कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण केंद्र सरकार की एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक पहल है जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
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यह मिशन ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, किसानों और कमजोर वर्गों को स्थायी रोजगार, सुनिश्चित आय और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने का मजबूत आधार बनेगा। पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम है।
पत्रकार वार्ता में अत्री ने कहा कि पुराने मनरेगा कानून में कई खामियां और अनियमितताएं थीं, जिन्हें विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) में दूर किया गया है। अब मजदूरों को 100 दिनों के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा।
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मजदूरों के कार्य निर्धारण में यह भी ध्यान रखा जाएगा कि फसल की बुवाई व कटाई के समय किसान के खेतों में मजदूरों को दिहाड़ी मिले और उसके बाद इस अधिनियम के तहत अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इससे मजदूरों को अधिक काम मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी कानून में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीपीएस सिस्टम और बायोमेट्रिक प्रणाली को और मजबूत किया गया है, जिससे फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी। विधायक ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर मनरेगा का नाम बदलने को लेकर बेवजह मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कांग्रेस सरकार में बना था लेकिन इसमें व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए संशोधन जरूरी थे। नाम बदलने से विपक्ष तिलमिला रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि इस कानून से मजदूरों को अब पहले से अधिक रोजगार और बेहतर व्यवस्था मिलेगी। विधायक ने अपने आवास पर जनसमस्याओं को सुन समाधान किया।
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