जींद। अनाजमंडी में सरसों की खरीद पिछले दस दिन से हो रही है। अब तक मंडी के किसी भी गेट पर न तो धर्म कांटे चल पाए और न ही मार्केट कमेटी को कर्मचारी मिले। इसके अलावा मंडी के मुख्य गेट पर तो एक तरफ धर्मकांटे को ऊपर उठाया जा रहा है। इसके कारण मंडी में प्रवेश के लिए गेट पर भी ताला लगाया हुआ है।
शहर की अनाजमंडी में तीन गेट हैं। इन तीनों पर धर्मकांटे लगाए गए हैं, ताकि मंडी में किसी भी गेट से प्रवेश करने पर किसान की फसल का वजन गेट पर ही करवाया जा सके। मंडी के हालात निर्धारित बने हुए हैं। पहले किसान मंडी में सरसों लेकर आता है। इसके बाद प्राइवेट दुकान पर सरसों बेचकर गेट पास की खानापूर्ति करता है। इसमें सरसों बिकने के बाद जो वजन बनता है। उसको ही नोट करवाया जाता है। इसके अलावा किसानों की फसल का डाटा मिस मैच होने के कारण किसानों को सरसों बेचने में भी परेशानी आ रही है। मंडी के दो गेटों पर बने धर्मकांटे व गेट पास काटने के केबिन तो पूरी तरह से बंद पड़े हैं, जबकि एक को खोला गया है। उसमें भी कर्मचारी नहीं बैठा दिखाई दिया। यहीं नहीं गेहूं की खरीद भी आगामी एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगी। इस दौरान भी गेट पास के लिए किसानों को परेशानी होगी। मंडी में किस किसान की कितनी गेहूं और सरसों आई है। इसका रिकार्ड वजन होने के बाद ही पता चलेगा। इसके कारण मंडी में किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की शंका भी रहती है। नियमानुसार मंडी में प्रवेश करते ही किसान की फसल का वजन किया जाना चाहिए और गेट पर गेट पास के साथ फसल के वजन की पर्ची दी जानी चाहिए। मंडी इनमें से किसी भी नियम को पूरा नहीं कर रही। गेहूं के सीजन में तो यह बड़ी परेशानी बनेगी। इसके लिए किसानों को बाहर की दुकानों पर वजन करवाने के लिए रुपये भी अपनी जेब से खर्च करने पड़ेंगे।
नौ कर्मचारियों की मांग
मार्केट कमेटी ने पिछले लगभग दस दिन पहले ही मंडी में गेट पास काटने व कंप्यूटर पर बैठने के अतिरिक्त अन्य कार्यों के लिए नौ कर्मियों की मांग की है। सरसों की खरीद शुरू हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई अब तक कोई भी कर्मचारी मंडी को नहीं मिल पाया।
साफ सफाई भी बदहाल
मंडियों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सरकार ने लगभग 20 दिन पहले ही प्रशासन को पत्र लिखकर निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कोई सुधार कार्य मंडी में नहीं करवाया गया। शहर की अनाजमंडी में कई लाइटें भी खराब हैं। इसके अलावा शैड के आसपास व गलियों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इनकी भी सफाई नहीं करवाई गई।
वर्जन
मंडी के तीनों गेटों पर धर्मकांटे हैं। इनको जल्द ही ठीक करवाया जाएगा। गेटपास कटवाने से लेकर अन्य कार्यों के लिए नौ कर्मियों की मांग की हुई है। वह भी जल्द मिलने की संभावना है। मंडी में साफ सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। किसानों की सरसों खरीद में कोई परेशानी नहीं आने दी जा रही।
संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद मंडी।
25जेएनडी15: शहर की अनाजमंडी में लगे गंदगी के ढेर। संवाद
25जेएनडी15: शहर की अनाजमंडी में लगे गंदगी के ढेर। संवाद