गांव दनौदा खुर्द में एक व्यक्ति की हत्या करने के जुर्म में अदालत ने एक व्यक्ति को उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि इस मामले में बनाए गए दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
गांव दनौदा खुर्द निवासी भानाराम ने 31 जनवरी 2013 को सदर थाना नरवाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि 30 जनवरी को वह गांव दनौदा खुर्द में रह रहे अपने चचेरे भाई थाम्बू उर्फ रमेश के पास गया था।
इस दौरान उसके चचेरे भाई के पास फोन आया और फोन सुनते ही वह बाहर निकल गया। जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। 31 जनवरी को रमेश का शव भीमा ठेकेदार के मकान के पिछवाड़े पानी की नाली से पुलिस ने बरामद किया था। सदर थाना नरवाना पुलिस ने भानाराम की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर जब जांच को आगे बढ़ाया तो गांव दनौदा खुर्द निवासी राजेंद्र, रामनिवास तथा नरेश के नाम उभरकर सामने आए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने हत्या के जुर्म में राजेंद्र को उम्रकैद तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि रामनिवास तथा नरेश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।