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काम ठप, लोग परेशान, प्रशासन मोन

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 सेवा नियमित करने की मांग को लेकर सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले जिले के 70 से अधिक कंप्यूटर प्रोफेशन पिछले 11 दिन से हड़ताल पर हैं। इसका खामियाजा जिले के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
 रिहायशी प्रमाण पत्र से लेकर वाहन पंजीकरण और जमीन की रजिस्ट्री सभी काम बंद है। हैरानी की बात है कि 11 दिन से प्रशासन भी मूक दर्शक बन कंप्यूटर प्रोफेशनलज की इस मनमानी को देख रहा है।
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डीसी ऑफिस, एसडीएम ऑफिसर, तहसील, ई दिशा केंद्र, एडीसी कार्यालय सहित तमाम विभागों में डिस्ट्रिक आईटी सोसायटी द्वारा कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की गई है। यहां कार्यरत कंप्यूटर प्रोफेशनल अपनी नौकरी पक्की करने की मांग को लेकर पिछले 11 दिन से हड़ताल पर हैं।
 कंप्यूटर प्रोफेशनल ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सेवा नियमित नहीं की जाएगी, वह काम पर नहीं लौटेंगे। अब जिले की जनता कब तक इस मनमानी में पिसती रहेगी, यह वक्त ही बताएगा।
नहीं बन रहा आय प्रमाण पत्र
बेलरखा गांव निवासी रामफल को अपने बेटे के दाखिले के लिए आय कर प्रमाण पत्र बनवाना है, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण यह नहीं बन रहा है। रामफल के अनुसार वह पांच बार जींद के लघु सचिवालय के चक्कर काट चुका है, लेकिन हर बार वापस लौटना पड़ रहा है।
नहीं मिली आरसी
हांसी रोड निवासी कुलदीप को ट्रैक्टर की आरसी लेनी है, लेकिन नहीं मिल रही। कुलदीप के अनुसार हर बार एक ही जवाब मिलता है कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं और वह घर लौटने को विवश हो जाता है। कुलदीप के अनुसार प्रशासन को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
गाड़ी एनओसी के लिए चक्कर
मांडी गांव निवासी कृष्ण को अपनी गाड़ी एनओसी लेनी है, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल के कारण मंगलवार को छठी बार लघु सचिवालय पहुंचा है। फिर भी एनओसी नहीं मिली। कृष्ण का कहना है कि सरकारी काम इस प्रकार रुके रहने से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
फाइल नहीं हो रही जमा
शामदो गांव निवासी राजेश को गाड़ी की आरसी बनवानी है, लेकिन फाइल ही जमा नहीं हो रही। राजेश के अनुसार वह तीन बार आ चुका है, लेकिन खिड़की खाली मिलती है। इससे जहां आर्थिक नुकसान हो रहा है, काम भी बाधित हो रहा है।
छह बार आया सुनहेरा जींद निवासी सुनहेरा को भी ट्रैैक्टर की आरसी लेनी है, लेकिन हड़ताल के कारण बार-बार चक्कर काटने को मजबूर है। सुनहेरा के अनुसार जिन कर्मचारियों को जनता के कामों से सरोकार नहीं है, उन्हें नौकरी पर रहने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने की वादा खिलाफी
एक जुलाई को मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा से कंप्यूटर प्रोफेशनलज ने बैठक की थी। बैठक में एक सप्ताह में मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद कंप्यूटर प्रोफेशनलज ने 26 जुलाई से हड़ताल शुरू की, जो आज तक चल रही है। जब तक मांगें नहीं मानी जाती, काम पर नहीं लौटेंगे।
अजीत कुमार, जिला प्रधान कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ।

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