06जेएनडी29 : सकट चौथ व्रत कथा के लिए एकत्रित हुई महिलाएं। स्रोत पुजारी
जींद। महिलाओं ने संतान की दीर्घायु के लिए सकट चौथ का व्रत रखा। दोपहर को महिलाओं ने एकत्रित होकर कहानी सुनी। यह व्रत भगवान श्रीगणेश और माता सकट को समर्पित है।
पुजारी अशोक शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार सकट चौथ व्रत करने से संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान गणेश और माता सकट की विधिपूर्वक पूजा कर मनोकामनाएं पूर्ण की प्रार्थना की जाती है। यह व्रत न केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि परिवार के कल्याण और आर्थिक समृद्धि के लिए भी शुभ माना जाता है। वस्त्र और अन्न का दान करना विशेष फलदायी माना गया है। संवाद