संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड से शव गृह तक जाने वाले रास्ते को पक्का करने और शेड स्थापित करने की योजना तैयार की है। अब पीडब्ल्यूडी की तरफ से काम शुरू करने का इंतजार है। यह कदम मरीजों के परिजनों, नागरिकों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार उठाई गई आपत्तियों के बाद लिया गया।
उन्होंने शव को स्ट्रेचर पर खुले आसमान व चिलचिलाती धूप में ले जाने को अमानवीय और गरिमा के विरुद्ध बताते हुए नाराजगी जाहिर की थी। अस्पताल में एमरजेंसी से शव गृह तक की दूरी लगभग 100 मीटर है। फिलहाल यहां न तो किसी प्रकार का स्थाई फर्श है और कोई शेड। ऐसे में शव को शवगृह तक ले जाने में काफी समस्या होती है।
अस्पताल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से तकनीकी सहयोग लेकर रूपरेखा तैयार करवाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। इंटरलॉकिंग टाइल्स या सीसी फर्श आधारित मजबूत पाथ-वे तैयार किया जाएगा और उसके ऊपर लोहे या आरसीसी फ्रेम आधारित शेड लगाकर शीट से कवर किया जाएगा।
यदि पीडब्ल्यूडी समयबद्ध और तेजी से काम करे तो न केवल शेड परियोजना, बल्कि पूरे अस्पताल का कायाकल्प भी जल्द संभव हो सकता है।
वर्जन
अस्पताल प्रशासन ने जीर्णोद्धार के तहत पीडब्ल्यूडी को अस्पताल के पुराने भवन से शवगृह तक शेड लगाने व पक्की पगडंडी बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। अब पीडब्ल्यूडी की तरफ से काम शुरू करने का इंतजार है। अस्पताल में काम की गति ढीली होने के कारण मरीजों को सुविधाओं का इंतजार बना है। उनकी तरफ से भी पीडब्ल्यूडी को काम जल्द पूरा करने के लिए पत्र लिखा गया है।
डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद